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गाजीपुर: लद्दाख सीमा पर तैनात जवान की हृदय गति रुकने से मौत, पार्थिव शरीर पहुंचा तो रोया पूरा गांव
Mon, 11 Oct 2021 02:23 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क,गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क,गाजीपुर
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 11 Oct 2021 02:23 PM IST
सार
गाजीपुर के खुटवां गांव निवासी सेना के जवान ओम प्रकाश बिंद (38) की बीते आठ अक्तूबर को लद्दाख के दिवांग बार्डर पर ह्दय गति रुकने से मौत हुई थी। सोमवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों की चीख और चित्कार से पूरा गांव गूंज उठा।
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जवान को राज्य मंत्री संगीता बलवंत ने दी श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लद्दाख सीमा पर तैनात गाजीपुर के खुटवां गांव निवासी सेना के जवान ओम प्रकाश बिंद (38) की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। सोमवार को उनका शव पैतृक गांव पहुंचा। जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों की चीख और चित्कार से पूरा गांव गूंज उठा। साथ ही ग्रामीणों का हु़जूम उमड़ पड़ा।
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मृतक की पत्नी और बेटी की चीख व करूण क्रंदन से उनके दरवाजे पर पहुंचे हर लोगों की आंखे नम थीं। शादियाबाद थाना क्षेत्र के खुटवां गांव निवासी सेना के जवान ओम प्रकाश बिंद (38) की बीते आठ अक्तूबर को लद्दाख के दिवांग बार्डर पर ह्दय गति रुकने से मौत हुई थी।
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सोमवार सुबह जब शव गांव पहुंचा तो मृत जवान को श्रद्धांजली देने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके पूर्व हर चौक-चौराहे पर फूल मालाओं के साथ जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ खड़ी रही। जवान की माता लचिया देवी और पिता बृजदेव की पहले ही निधन हो चुका है।
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पत्नी सुमन देवी व दोनों पुत्र ललित (10) सत्यम (7) का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी तो बार बार अचेत हो जा रही थी। ओमप्रकाश साल 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों भाई गांव में खेतीबाड़ी का काम करते है।
कुछ दिन पहले ही लद्दाख में हुई थी पोस्टिंग
मृत जवान को श्रद्धांजली देने के लिए लोगों की भारी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ओमप्रकाश की पोस्टिंग नागपुर से कुछ दिन पहले ही लद्दाख के दिवांग बार्डर पर हुई थी। अंतिम बार वह मार्च में अपनी मां के अंतिम संस्कार में गांव आए थे। जवान का पार्थिव शरीर आने के बाद सुबह से ही गांव में कई थानों की फोर्स मौजूद रही। भाजपा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, सदर विधायक व राज्य मंत्री संगीता बलवंत सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजली अर्पित की।