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Ghazipur News: बजट मिले तो सरपट हो रेलवे ट्रैक का पांच वर्षों से रुका दोहरीकरण का काम
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ताड़ीघाट-सिटी रेल स्टेशन रेलखंड का अधूरा दोहरीकरण का कार्य। संवाद
सुहवल। ताड़ीघाट-सिटी रेलवे स्टेशन रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य पांच साल से अधूरा पड़ा है। बजट के अभाव में रेल सह सड़क पुल के पीयर संख्या ए-2 से सिटी स्टेशन तक करीब पांच किलोमीटर लंबे हिस्से में निर्माण कार्य ठप है। इसके चलते इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों का सुचारु और तेज संचालन प्रभावित हो रहा है।
करीब 9.6 किलोमीटर लंबे ताड़ीघाट-सिटी रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 30 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन इसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिलने से कार्य आगे नहीं बढ़ सका। यह परियोजना 1766 करोड़ रुपये की ताड़ीघाट-मऊ रेल विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रखी थी। मार्च 2024 में ताड़ीघाट से सिटी स्टेशन तक सिंगल रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था, लेकिन दोहरीकरण का कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है।
परियोजना के तहत दोहरीकरण के लिए आवश्यक 49 पिलरों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब गार्डर स्थापित करने, वायाडक्ट की ढलाई, नई रेल लाइन बिछाने तथा सिग्नलिंग व्यवस्था विकसित करने का कार्य शेष है।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा और परिचालन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
आरवीएनएल के परियोजना निदेशक पीके सिंह ने बताया कि पीयर संख्या ए-2 से सिटी स्टेशन तक दोहरीकरण का कार्य फिलहाल बजट के अभाव में रुका हुआ है। बजट उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
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करीब 9.6 किलोमीटर लंबे ताड़ीघाट-सिटी रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 30 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन इसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिलने से कार्य आगे नहीं बढ़ सका। यह परियोजना 1766 करोड़ रुपये की ताड़ीघाट-मऊ रेल विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रखी थी। मार्च 2024 में ताड़ीघाट से सिटी स्टेशन तक सिंगल रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था, लेकिन दोहरीकरण का कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है।
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परियोजना के तहत दोहरीकरण के लिए आवश्यक 49 पिलरों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब गार्डर स्थापित करने, वायाडक्ट की ढलाई, नई रेल लाइन बिछाने तथा सिग्नलिंग व्यवस्था विकसित करने का कार्य शेष है।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा और परिचालन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
आरवीएनएल के परियोजना निदेशक पीके सिंह ने बताया कि पीयर संख्या ए-2 से सिटी स्टेशन तक दोहरीकरण का कार्य फिलहाल बजट के अभाव में रुका हुआ है। बजट उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।