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Ghazipur News: पूरे दिन गूंजती रहीं या हुसैन की दर्द भरी सदाएं

Fri, 28 Jul 2023 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jul 2023 11:41 PM IST
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Hussain's painful sadanas echoed all day long
गाजीपुर। पैगंबरे-इस्लाम के नवासे शोहदा ए कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके जांनिसार साथी जिन्होंने इस्लाम और इंसानियत की बका के लिए शहादत तो कुबूल की लेकिन यजीद की बैयत कुबूल न की। इन्हीं शोहदाए कर्बला की याद में शुक्रवार को नगर सहित कस्बों तथा मुस्लिम बहुल गांवों में अकीदतमंदों ने इमाम चौक पर ताजिए रखे। इस दौरान विभिन्न अंजुमन के लोगों ने नौहाख्वानी, मातम एवं सीनाजनी की। मुस्लिम बहुल मुहल्लों में पूरे दिन घरों से या अली या हुसैन या अब्बास, हाए सकीना की सदाएं गूंजती रहीं। अजादारे हुसैन ने फर्शे-अजा बिछाई जिक्रे शोहदाए-कर्बला की तथा मसाएबे शोहदाए-कर्बला पढ़ा, सोज पढ़े और नौहाख्वानी की। रोजे रखे, देर शाम लोगों ने फातिहाख्वानी एवं नज्र-ओ-नेयाज किया। चौक पर ताजिया रखने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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उधर जिले के सात सौ स्थानों पर शुक्रवार को ताजिया बैठाए गए। जिसमें संवेदनशील 20 स्थानों पर पुलिस की विशेष निगहबानी रहेगी। इसके लिए पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
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बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा सहित मखदूमपुर, सादात, शादियाबाद, सौरम, भितरी, मजुई, सैदपुर, मलिकनगांव, दरगाह, पलिवार, देईपुर, झोटना आदि मुस्लिम बहुल गांवों में शुक्रवार को पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद के नाती हजरत इमाम हुसैन और उनके जांनिसार साथियों की शहादत को नम आंखों से याद किया गया। जिन्होंने इस्लाम की बका के लिए कर्बला में शहादत दी। गली-मुहल्ले में पूरी रात या अली, या हुसैन, या अब्बास, की सदाएं बुलंद होती रही। नौ मुहर्रम की रात ईशा की नमाज के बाद विभिन्न चौक पर ताजिए रखे गए। यह सिलसिला भोर तक चलता रहा। दक्षिण मुहल्ला स्थित वजीहुल हसन एवं मुंतजिर इमाम के इमामबाड़े से ताजिया को अंतिम रूप दे नौहाख्वानी, सीनाजनी तथा मातम करते हुए इमाम चौक पर ताजिया रखने का सिलसिला शुरू हुआ। चौघट्टा स्थित चौक पर ताजिया रखकर समाप्त हुआ। उधर उत्तर मुहल्ला स्थित शमीमुलवरा के आवास से सर्वप्रथम ताजिया रखने का सिलसिला शुरू हुआ तो मुहल्ले के चौक पर रखने का सिलसिला देर रात तक चला। दसवीं मुहर्रम से पूर्व कस्बा स्थित अधिकांश चौक एवं उसके आसपास की गलियों को झंडे एवं झंडियों से सजाया गया। इस दौरान शहंशाह, दानिशवरा, सलीम अंसारी, वाकिफ हसन, दानिश, शादाब, हैदर अब्बास, काशिफ, शारिब, अनीसुलवरा, मसीहुद्दीन आदि शामिल थे।
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