फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   How will the fire be extinguished with the help of nine fire cylinders and a bucket of sand?

Ghazipur News: 9 फायर सिलिंडरों और एक बालू की बाल्टी के सहारे कैसे बुझेगी आग

Thu, 02 Jul 2026 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
How will the fire be extinguished with the help of nine fire cylinders and a bucket of sand?
विकास भवन के एक कार्यालय में रखा फाइलों का गट्ठर। संवाद
चार सिलिंडरों पर एक्सपायरी तिथि तक दर्ज नहीं, खुले बिजली के तार और फाइलों के ढेर बढ़ा रहे खतरा
विज्ञापन


गाजीपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, दुकानों, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अभियान चला रहा है। लेकिन जिला प्रशासन का अपना विकास भवन ही अग्नि सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। करीब 29 विभागीय कार्यालयों वाले इस भवन में आग से निपटने के लिए केवल नौ फायर सिलिंडर और एक बालू से भरी बाल्टी की व्यवस्था है। इनमें भी चार फायर सिलिंडरों पर एक्सपायरी अथवा रिफिलिंग की तिथि अंकित नहीं है।
विकास भवन के भूतल पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय), अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित कई कार्यालय संचालित हैं। इतने कार्यालयों के बीच केवल बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही चार-चार किलोग्राम क्षमता के दो फायर सिलिंडर लगे हैं, जिन पर भी एक्सपायरी या अगली सर्विसिंग की तिथि अंकित नहीं मिली।
विज्ञापन

दूसरी मंजिल पर जिला विकास अधिकारी, जिला मत्स्य अधिकारी, जिला सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर, जिला कृषि अधिकारी, जनसूचना कार्यालय सहित कई विभागों के कार्यालय हैं। इसी तल पर यूनियन बैंक की शाखा और सभागार भी स्थित है। इसके बावजूद यहां आग से बचाव के लिए केवल चार किलोग्राम क्षमता के तीन फायर सिलिंडर उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीसरी मंजिल पर जिला विद्यालय निरीक्षक, युवा कल्याण विभाग, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, लघु सिंचाई विभाग तथा यूपी नेडा के कार्यालय हैं। पूरे तल पर आग से निपटने के लिए सिर्फ एक चार किलोग्राम क्षमता का फायर सिलिंडर लगाया गया है। चौथी मंजिल पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) का कार्यालय है। यहां दो-दो किलोग्राम क्षमता के दो फायर सिलिंडर और एक बालू से भरी बाल्टी रखी गई है। इन सिलिंडरों पर भी एक्सपायरी या रिफिलिंग की तिथि दर्ज नहीं है। हालांकि, भवन में आपात स्थिति में निकासी के लिए दो गेट बनाए गए हैं।
तीन प्रमुख कार्यालयों के लिए सिर्फ एक फायर सिलिंडर
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) भवन में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक और डीसी मनरेगा के कार्यालय संचालित हैं। यहां आग से बचाव के लिए केवल मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर चार किलोग्राम क्षमता का एक फायर सिलिंडर ही लगाया गया है।
खुले बिजली के तार और फाइलों के ढेर बढ़ा रहे खतरा
विकास भवन की अधिकांश मंजिलों पर बिजली की वायरिंग बदहाल स्थिति में है। कई जगह खुले तार लटक रहे हैं और विद्युत बोर्ड क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। वहीं, कार्यालयों में बड़ी संख्या में पुराने कागजी रिकॉर्ड और फाइलों के गठ्ठर खुले में रखे हैं, जिससे आग लगने की स्थिति में नुकसान कई गुना बढ़ सकता है।

क्या बोले सीडीओ
आग से बचाव को लेकर सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी कमियां होंगी, उन्हें तत्काल दूर कराया जाएगा। - आलोक प्रसाद, मुख्य विकास अधिकारी, गाजीपुर।

विकास भवन के एक कार्यालय में रखा फाइलों का गट्ठर। संवाद

विकास भवन के एक कार्यालय में रखा फाइलों का गट्ठर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article