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कैसे बदलेगी स्कूलों की सूरत, एक हजार में ही लगे टाइल्स

Thu, 26 May 2022 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 11:24 PM IST
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How will the appearance of schools change, tiles installed in one thousand only
कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने के लिए सरकार आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसके तहत उन्नीस पैरामीटर पर काम कराया जा रहा है। महीनों बीत जाने के बाद भी कई बिंदुओं पर कार्य पूरा नहीं हो सका है। हैरानी की बात तो यह है कि टाइल लगाने का काम अभी तक एक हजार से ज्यादा विद्यालयों में ही हो सका है। ऐसे में अगले कुछ महीने में शेष कार्य पूरा कर पाने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
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जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक तथा 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के समकक्ष बनाने के लिए आपरेशन कायाकल्प के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इसके तहत 19 पैरामीटर पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी है लेकिन इस योजना को लेकर जिस तरह संबंधित विभाग की ओर से उदासीनता बरती जा रही है उससे नहीं लगता कि यह जल्द परवान चढ़ पाएगी। तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद विद्यालयों में टाइल लगाने का काम जोर नहीं पकड़ पा रहा है। अब तक 51.22 फीसदी यानी 1011 विद्यालयों में ही यह कार्य हो पाया है। कमोवेश इसी तरह की स्थिति शौचालयों के टाइलीकरण की भी है। 1361 विद्यालयों में ही यह काम किया जा सका है। इसके अलावा 1147 में बालकों तथा 1176 विद्यालयों में बालिका यूरिनल का काम हुआ है। यह कृमश: 58.11 एवं 59.57 प्रतिशत है। गेट सहित चहारदीवारी 60.44 प्रतिशत यानी 1193 एवं 1400 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय का काम हो पाया है। ऐसे में शेष विद्यालयों में इन बिंदुओं पर अगले कुछ महीनों में कार्य पूरा हो पाना आसान नहीं दिखाई दे रहा है।
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ये हैं कायाकल्प के 19 पैरामीटर
कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर में विद्यालय में शुद्ध पेयजल, बालक शौचालय, बालिका शौचालय, शौचालय एवं मूत्रालय में जलापूर्ति, शौचालय में टाइलीकरण, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, रसोईघर, फर्श पर टाइल लगाने, श्यामपट, विद्यालय का रंग-रोगन, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रेलिंग, कक्षा कक्ष में वायरिंग, विद्युत उपकरण एवं विद्यालय का विद्युत संयोजन आदि का कार्य कराया जाना है।
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अतिरिक्त कक्षों के निर्माण में खल रहा धनाभाव
विभिन्न विकासखंडों में अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण कराया जाना था लेकिन धनराशि न मिलने के कारण इनका निर्माण अभी नहीं शुरू हो सका है। बाराचवर, भदौरा, देवकली, सदर, मरदह एवं सादात में एक-एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा रेवतीपुर में दो तथा सैदपुर ब्लाक क्षेत्र में चार विद्यालयों में कक्ष निर्माण में धन का अभाव कारण बना हुआ है।
विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत निर्धारित सभी कार्यों को जल्द पूरा कराने को लेकर विभाग गंभीर है । - हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारीेेेे
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