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Ghazipur News: जनवरी से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलेगा गरम भोजन
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प्री प्राइमरी शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 75 हजार बच्चों को फिर से गरमा गरम भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। आगामी जनवरी से परिषदीय स्कूल के बच्चों की तरह नन्हें बच्चे भी गरम भोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर शीघ्र ही हॉट कुक्ड योजना फिर से शुरू होने जा रही है। विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
जिले में बाल विकास परियोजना के तहत 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। शासन ने इन केंद्रों पर तीन से छह साल तक के बच्चों को प्री प्राइमरी शिक्षा शुरू की है। अभी तक इन बच्चों को पुष्टाहार के तहत दलिया, दाल, चावल आदि का वितरण किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले हाट कुक्ड योजना का संचालन होता था। लेकिन यह योजना तीन साल से बंद थी। अब इस योजना को फिर से संचालित करने की तैयारी है।
शासन से इसके लिए निर्देश मिलने के बाद विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। शासन के ओर से जनवरी से योजना शुरू करने का निर्देश दिया गया है। योजना के तहत केंद्रों पर प्री प्राइमरी एजुकेशन पाने वाले लगभग 75 हजार बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैयार होने वाले हॉट कुक्ड को बनाने की जिम्मेदारी परिषदीय स्कूल की रसोइया को सौंपी जाएगी। केंद्र के नजदीक जो भी परिषदीय स्कूल होगा। उसका रसोइया बच्चों का भोजन तैयार करेगा। इसके लिए उनको अलग से मानदेय मिलेगा।
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कोटे की दुकान से मिलेगा राशन
गर्म भोजन के लिए राशन की व्यवस्था राशन डीलर के माध्यम से की जाएगी। वहीं भोजन बनाने के लिए तेल, मसाला, सब्जी, गैस आदि की व्यवस्था के लिए शासन से धन उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्राम प्रधानों के बैंक खाते कराए जा रहे क्रियाशील
हाट कुक्ड योजना संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते को फिर से क्रियाशील कराया जा रहा है। ताकि योजना के लिए आने वाले धन को खाते में भेजा जा सके। सीडीपीओ को भी बैंक खाता प्राप्त कर डिटेल कार्यालय में जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन के निर्देश पर जनवरी माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी एजुकेशन के लिए आने वाले बच्चों के लिए हाट कुक्ड योजना का संचालन फिर से किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
दिलीप कुमार पांडेय, डीपीओ।
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जिले में बाल विकास परियोजना के तहत 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। शासन ने इन केंद्रों पर तीन से छह साल तक के बच्चों को प्री प्राइमरी शिक्षा शुरू की है। अभी तक इन बच्चों को पुष्टाहार के तहत दलिया, दाल, चावल आदि का वितरण किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले हाट कुक्ड योजना का संचालन होता था। लेकिन यह योजना तीन साल से बंद थी। अब इस योजना को फिर से संचालित करने की तैयारी है।
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शासन से इसके लिए निर्देश मिलने के बाद विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। शासन के ओर से जनवरी से योजना शुरू करने का निर्देश दिया गया है। योजना के तहत केंद्रों पर प्री प्राइमरी एजुकेशन पाने वाले लगभग 75 हजार बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैयार होने वाले हॉट कुक्ड को बनाने की जिम्मेदारी परिषदीय स्कूल की रसोइया को सौंपी जाएगी। केंद्र के नजदीक जो भी परिषदीय स्कूल होगा। उसका रसोइया बच्चों का भोजन तैयार करेगा। इसके लिए उनको अलग से मानदेय मिलेगा।
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कोटे की दुकान से मिलेगा राशन
गर्म भोजन के लिए राशन की व्यवस्था राशन डीलर के माध्यम से की जाएगी। वहीं भोजन बनाने के लिए तेल, मसाला, सब्जी, गैस आदि की व्यवस्था के लिए शासन से धन उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्राम प्रधानों के बैंक खाते कराए जा रहे क्रियाशील
हाट कुक्ड योजना संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते को फिर से क्रियाशील कराया जा रहा है। ताकि योजना के लिए आने वाले धन को खाते में भेजा जा सके। सीडीपीओ को भी बैंक खाता प्राप्त कर डिटेल कार्यालय में जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन के निर्देश पर जनवरी माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी एजुकेशन के लिए आने वाले बच्चों के लिए हाट कुक्ड योजना का संचालन फिर से किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
दिलीप कुमार पांडेय, डीपीओ।