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Ghazipur News: पशु मित्र कर्मियों के भरोसे अस्पताल, चिकित्सक नहीं होने से पशुओं को समय पर नहीं मिल रहा इलाज
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सुहवल। ताड़ीघाट स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय लगभग तीन वर्षों से स्थायी पशु चिकित्सक के बिना संचालित हो रहा है। करीब दस वर्ष पहले बना यह अस्पताल पैरावेट (पशु मित्र)कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।
स्थायी चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए निजी चिकित्सकों या दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
क्षेत्र के रामदयाल, जितेंद्र, मुन्ना, मन्नेलाल, ब्रह्मनंद और संजय ने बताया कि अस्पताल में नियमित पशु चिकित्सक न होने के कारण गंभीर रूप से बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पाता। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
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कई बार उन्हें इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों और पशुपालकों ने जिला प्रशासन तथा पशुपालन विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द स्थायी पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) एके शाही ने बताया कि पशु चिकित्सकों की कमी के कारण स्थायी चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। फिलहाल एक पशु चिकित्सक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
नए चिकित्सक के आते ही वहां तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अस्पताल में दवाओं और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
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स्थायी चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए निजी चिकित्सकों या दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के रामदयाल, जितेंद्र, मुन्ना, मन्नेलाल, ब्रह्मनंद और संजय ने बताया कि अस्पताल में नियमित पशु चिकित्सक न होने के कारण गंभीर रूप से बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पाता। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
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कई बार उन्हें इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों और पशुपालकों ने जिला प्रशासन तथा पशुपालन विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द स्थायी पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) एके शाही ने बताया कि पशु चिकित्सकों की कमी के कारण स्थायी चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। फिलहाल एक पशु चिकित्सक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
नए चिकित्सक के आते ही वहां तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अस्पताल में दवाओं और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।