गाजीपुर। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हनुमान जयंती पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मंदिरों में लोगों ने हनुमान जी का दर्शन पूजन कर अपने को धन्य किया। ‘नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’ से मंदिर गूंजते रहे। इस दौरान भक्तोें ने कोरोना से मुक्ति के लिए प्रार्थना भी की। मुहम्मदाबाद : नगर के तिवारीटोला स्थित मनोकामना देव जी संकटमोचन मंदिर में हनुमानजी का भव्य शृंगार किया गया। आचार्य पंडित अभिषेक तिवारी ने विधि-विधान से हनुमान जी का पूजन कराया। सामाजिक दूरी बनाकर सुंदर कांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और कोरोना महामारी मुक्ति की प्रार्थना की गई। इस दौरान विनय कुमार तिवारी, आनंद कुमार त्रिपाठी, विवेक कुमार पांडेय, गोपाल सिंह यादव, राहुल आनंद, शिवांश शांडिल्य, लल्लन पांडेय, शिवकुमारी त्रिपाठी, जया, श्रेयसी उपस्थित रहीं। इसके अलावा शाहनिंदा हनुमान मंदिर, नागा बाबा प्राचीन हनुमान मंदिर, महरुपुर स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में भी लोगों ने हनुमानजी का दर्शन-पूजन कर पुण्य कमाया। मतसा : ढढ़नी स्थित महावीर मंदिर परिसर में भक्तों को हनुमानजी की कथा सुनाते हुए भागवताचार्य चंद्रेश महाराज ने कहा कि भारतीय धार्मिक, सामाजिक चेतना में राम, कृष्ण और शिव के बाद अगर किसी देवता या चरित्र को सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है तो वह हैं महावीर हनुमान जी। ज्ञान, वैराग्य और बल के धाम हनुमानजी की अनेक लीलाओं का उल्लेख वेद, पुराण और लोकमानस में दृष्टिगोचर होता है। सेवा धर्म की अनेक गाथाएं तो हैं ही उनकी, राम, लक्ष्मण, भरत और मां सीता के प्राणों की रक्षा का श्रेय भी अनेक बार हनुमानजी जी को ही मिलता है लेकिन हनुमानजी जी विनम्रता के साथ इसका श्रेय भी रामजी को ही दे देते हैं। हनुमानजी के जीवन से नौजवानों को प्रेरणा लेनी चाहिए और राक्षसी प्रवृत्ति का उन्मूलन करने के लिए अपने चरित्र में हनुमानजी के आदर्श को जीवंत बनाना चाहिए।