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Ghazipur News: होली ः 800 से 4000 तक की रेंज में बिक रहीं चंदेरी सिल्क साड़ियां
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होली के लिए कपड़े का बाजार सज गया है। होली खेलने के लिए टोपी, टी-शर्ट, पगड़ी एवं कुर्ता-पायजामा भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। कपड़ों विशेषकर रेडीमेड की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
रंगों का पर्व होली जिले में 14 मार्च को मनाया जाएगा। यह त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है। वैसे ही रंगोत्सव का उल्लास भी दिखाई देने लगा है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में पर्व से संबंधित सामानों की दुकानें सजने के साथ ही उन खरीदार भी दिखाई देने लगे हैं।
बच्चे जहां रंग-बिरंगी पिचकारियों को खरीद रहे हैं वहीं महिलाओं ने चिप्स-पापड़, गुझिया और खाने-पीने की अन्य सामग्री बनाने के लिए सामानों की खरीदारी शुरू कर दी है। होली पर नए कपड़े पहनने की परंपरा है। रंग खेलने के बाद शाम को होली मिलन के लिए आकर्षक परिधानों की खरीदारी की जा रही है।
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बाजार में दुकानों पर रेडीमेड कपड़ों और साड़ियों की बड़ी रेंज आई है। साड़ी विक्रेता विनय गुप्ता ने बताया कि शिफान, चंदेरी, सिल्क, साठ ग्राम, रिच पल्लू वाली, लेस, स्टोन वाली साड़ियां आठ सौ से लेकर चार हजार तक में उपलब्ध है। विक्रेता चंदन का कहना है कि युवतियां गाउन, फ्राक, प्लाजो, सलवार-कुर्ता, लेगिंग, लहंगा, नेट सूट, क्राप टाप, बेलबाटम पसंद कर रही हैं।
युवक शर्ट-पैंट, टी-शर्ट, जींस, कुर्ता-पायजामा तथा बच्चों के लिए बाबा सूट, शर्ट-टी शर्ट, जींस, कुर्ता पायजामा की खरीदारी की जा रही है।
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रंगों का पर्व होली जिले में 14 मार्च को मनाया जाएगा। यह त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है। वैसे ही रंगोत्सव का उल्लास भी दिखाई देने लगा है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में पर्व से संबंधित सामानों की दुकानें सजने के साथ ही उन खरीदार भी दिखाई देने लगे हैं।
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बच्चे जहां रंग-बिरंगी पिचकारियों को खरीद रहे हैं वहीं महिलाओं ने चिप्स-पापड़, गुझिया और खाने-पीने की अन्य सामग्री बनाने के लिए सामानों की खरीदारी शुरू कर दी है। होली पर नए कपड़े पहनने की परंपरा है। रंग खेलने के बाद शाम को होली मिलन के लिए आकर्षक परिधानों की खरीदारी की जा रही है।
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बाजार में दुकानों पर रेडीमेड कपड़ों और साड़ियों की बड़ी रेंज आई है। साड़ी विक्रेता विनय गुप्ता ने बताया कि शिफान, चंदेरी, सिल्क, साठ ग्राम, रिच पल्लू वाली, लेस, स्टोन वाली साड़ियां आठ सौ से लेकर चार हजार तक में उपलब्ध है। विक्रेता चंदन का कहना है कि युवतियां गाउन, फ्राक, प्लाजो, सलवार-कुर्ता, लेगिंग, लहंगा, नेट सूट, क्राप टाप, बेलबाटम पसंद कर रही हैं।
युवक शर्ट-पैंट, टी-शर्ट, जींस, कुर्ता-पायजामा तथा बच्चों के लिए बाबा सूट, शर्ट-टी शर्ट, जींस, कुर्ता पायजामा की खरीदारी की जा रही है।