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Ghazipur News: मस्जिदों में नमाज अदा कर अल्लाह की राह में दी कुर्बानी
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फोटो-
-आपसी भाईचारे और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व
-कब्रिस्तान पहुंच कर इस दुनिया से विदा हो चुके पुरखों के लिए पढ़ी फातिहा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व बृहस्पतिवार को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया। ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। इस मौके पर मुस्लिम बंधुओं ने बारगाहे ईलाही में सिर झुकाए। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर पर्व की मुबारकबाद दिए। इसके बाद कब्रिस्तान पहुंच कर इस दुनिया से विदा हो चुके आबा-ओ-अजदाद के हक में दुआएं मांगी। बकरीद के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
इस्लामिक कैलेंडर के बारहवें (अंतिम) महीने जिल-हिज्जा की दसवीं तारीख यानि बृहस्पतिवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुबह नए कपड़ों में लोग मस्जिदों की तरफ रवाना हुए। इनमें बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चे भी शामिल रहे। उन्होंने दो रकात नमाज अदा की। इसके बाद विभिन्न मस्जिदों में इमाम ने खुत्बा पढ़ा। अंत में बारगाहे ईलाही में हाथ उठाकर अपनों के लिए दुआ मांगी।
दुनिया छोड़ चुके अपने-अपने आबा-ओ-अजदाद, उम्मते इस्लामिया के मगफिरत एवं उनके जन्नती होने की दुआएं मांगी गई। इब्राहिमी सुन्नत अदा करने के लिए पूर्व में चिह्नित स्थानों अथवा घरों में जानवरों की कुर्बानी दी। देर शाम तक दावतों का दौर चलता रहा।
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नमाज पढ़ने के बाद दी बकरे की कुर्बानी
-ग्रामीणांचल में भी परंपरागत तरीके से मनी बकरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। बकरीद ग्रामीणांचल में भी परंपरागत तरीके से मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तय समय पर ईदगाह और मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ी । बहरियाबाद कस्बा के ईदगाह मस्जिद, शाही मस्जिद, गौसिया मस्जिद, जामा मस्जिद मलिकन गांव, पलिवार, देईपुर तथा रायपुर आदि मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के बाद जानवरों की कुर्बानी पेश दी गई। घरों में सेवइयों सहित विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए । थानाध्यक्ष कृपेंद्र प्रताप सिंह पुलिस कर्मियों के साथ चक्रमण करते रहे।
बारा: सेवराई तहसील क्षेत्र के बारा गांव में रौजा मस्जिद, रकबा मस्जिद, जामा मस्जिद पूर्वी, मझली पट्टी मस्जिद, मस्तानबाग मस्जिद, हाजी साहब वाली मस्जिद, बाजार वाली मस्जिद के अलावा गहमर, मनिया, गोड़सरा, रकसहां सहित कमसार-ओ-बार के गांवों की मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। जामा मस्जिद बारा में नमाज अदा करने के पूर्व हाफिज सूफियान ने कहा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह की याद में मनाया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोतवाल पवन कुमार उपाध्याय, चौकी प्रभारी बारा मनोज कुमार तिवारी क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
मुहम्मदाबाद में जामा मस्जिद यूसुफपुर, जामा मस्जिद मुहम्मदाबाद में नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिमों ने एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। घरों पर जानवरों की कुर्बानियां दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर तहसील प्रशासन मुस्तैद था। औड़िहार: मस्जिदों और ईदगाहों पर निर्धारित समय पर नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले त्योहार की बधाई दी।
सैदपुर नगर के रौजा द्वार, रानी चौक के अलावा ईदगाह पर नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर त्योहार की खुशियां बांटी। इसके अलावा भितरी, ईशनपुर, एकावसपट्टी, हसनपुर, डहरा कला, बहेरी, भीमापार आदि स्थानों पर भी त्योहार की धूम रही। करीमुद्दीनपुर , बथोर, चंदकूर, कामूपुर, चकिया, चकफात्मा, मोरा, नरयनापुर, बाराचंवर, माटा, राजापुर, सिउरी अमहट, बांकी खुर्द, असावर, नेवादा, दुबिहा, उतरांव, ताजपुर, पतार, महेंद, पातेपुर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में परंपरागत तरीके से बकरीद मनाई गई।
रेवतीपुर: सुहवल, ढढ़नी, नौली, उतरौली, डेढ़गांवा, सोनवल, रमवल, अंधारीपुर, मलसा, रेवतीपुर आदि गांवों में बकरीद पर नमाज पढ़ी गई। रेवतीपुर के थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी, सुहवल थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चक्रमण करते रहे।
बहादुरगंज: नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में त्योहार हर्षोल्लास के साथ मना। पूर्व सहकारिता मंत्री सुरेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अहमद अंसारी ने लोगों से मिलकर मुबारकबाद दी। सुरक्षा के मद्देनजर उप जिलाधिकारी कासिमाबाद अश्विनी पांडेय, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद बलराम, नायब तहसीलदार जेपी सिंह, कोतवाल शिवप्रसाद वर्मा, चौकी प्रभारी आशुतोष शुक्ला चक्रमण करते रहे।
भांवरकोल: फखनपुरा, महेशपुर प्रथम, रानीपुर मच्छटी, मुड़ेरा बुजुर्ग, महेंद, सोनाड़ी, कबीरपुर सहित कई अन्य स्थानों पर नमाज अदा करने के बाद कब्रिस्तान में जाकर फातिहा पढ़ी। फखनपुरा में नायब तहसीलदार विश्राम सिंह यादव और प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद थे।
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-आपसी भाईचारे और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व
-कब्रिस्तान पहुंच कर इस दुनिया से विदा हो चुके पुरखों के लिए पढ़ी फातिहा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व बृहस्पतिवार को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया। ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। इस मौके पर मुस्लिम बंधुओं ने बारगाहे ईलाही में सिर झुकाए। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर पर्व की मुबारकबाद दिए। इसके बाद कब्रिस्तान पहुंच कर इस दुनिया से विदा हो चुके आबा-ओ-अजदाद के हक में दुआएं मांगी। बकरीद के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
इस्लामिक कैलेंडर के बारहवें (अंतिम) महीने जिल-हिज्जा की दसवीं तारीख यानि बृहस्पतिवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुबह नए कपड़ों में लोग मस्जिदों की तरफ रवाना हुए। इनमें बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चे भी शामिल रहे। उन्होंने दो रकात नमाज अदा की। इसके बाद विभिन्न मस्जिदों में इमाम ने खुत्बा पढ़ा। अंत में बारगाहे ईलाही में हाथ उठाकर अपनों के लिए दुआ मांगी।
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दुनिया छोड़ चुके अपने-अपने आबा-ओ-अजदाद, उम्मते इस्लामिया के मगफिरत एवं उनके जन्नती होने की दुआएं मांगी गई। इब्राहिमी सुन्नत अदा करने के लिए पूर्व में चिह्नित स्थानों अथवा घरों में जानवरों की कुर्बानी दी। देर शाम तक दावतों का दौर चलता रहा।
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-ग्रामीणांचल में भी परंपरागत तरीके से मनी बकरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। बकरीद ग्रामीणांचल में भी परंपरागत तरीके से मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तय समय पर ईदगाह और मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ी । बहरियाबाद कस्बा के ईदगाह मस्जिद, शाही मस्जिद, गौसिया मस्जिद, जामा मस्जिद मलिकन गांव, पलिवार, देईपुर तथा रायपुर आदि मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के बाद जानवरों की कुर्बानी पेश दी गई। घरों में सेवइयों सहित विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए । थानाध्यक्ष कृपेंद्र प्रताप सिंह पुलिस कर्मियों के साथ चक्रमण करते रहे।
बारा: सेवराई तहसील क्षेत्र के बारा गांव में रौजा मस्जिद, रकबा मस्जिद, जामा मस्जिद पूर्वी, मझली पट्टी मस्जिद, मस्तानबाग मस्जिद, हाजी साहब वाली मस्जिद, बाजार वाली मस्जिद के अलावा गहमर, मनिया, गोड़सरा, रकसहां सहित कमसार-ओ-बार के गांवों की मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। जामा मस्जिद बारा में नमाज अदा करने के पूर्व हाफिज सूफियान ने कहा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह की याद में मनाया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोतवाल पवन कुमार उपाध्याय, चौकी प्रभारी बारा मनोज कुमार तिवारी क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
मुहम्मदाबाद में जामा मस्जिद यूसुफपुर, जामा मस्जिद मुहम्मदाबाद में नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिमों ने एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। घरों पर जानवरों की कुर्बानियां दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर तहसील प्रशासन मुस्तैद था। औड़िहार: मस्जिदों और ईदगाहों पर निर्धारित समय पर नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले त्योहार की बधाई दी।
सैदपुर नगर के रौजा द्वार, रानी चौक के अलावा ईदगाह पर नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर त्योहार की खुशियां बांटी। इसके अलावा भितरी, ईशनपुर, एकावसपट्टी, हसनपुर, डहरा कला, बहेरी, भीमापार आदि स्थानों पर भी त्योहार की धूम रही। करीमुद्दीनपुर , बथोर, चंदकूर, कामूपुर, चकिया, चकफात्मा, मोरा, नरयनापुर, बाराचंवर, माटा, राजापुर, सिउरी अमहट, बांकी खुर्द, असावर, नेवादा, दुबिहा, उतरांव, ताजपुर, पतार, महेंद, पातेपुर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में परंपरागत तरीके से बकरीद मनाई गई।
रेवतीपुर: सुहवल, ढढ़नी, नौली, उतरौली, डेढ़गांवा, सोनवल, रमवल, अंधारीपुर, मलसा, रेवतीपुर आदि गांवों में बकरीद पर नमाज पढ़ी गई। रेवतीपुर के थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी, सुहवल थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चक्रमण करते रहे।
बहादुरगंज: नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में त्योहार हर्षोल्लास के साथ मना। पूर्व सहकारिता मंत्री सुरेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अहमद अंसारी ने लोगों से मिलकर मुबारकबाद दी। सुरक्षा के मद्देनजर उप जिलाधिकारी कासिमाबाद अश्विनी पांडेय, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद बलराम, नायब तहसीलदार जेपी सिंह, कोतवाल शिवप्रसाद वर्मा, चौकी प्रभारी आशुतोष शुक्ला चक्रमण करते रहे।
भांवरकोल: फखनपुरा, महेशपुर प्रथम, रानीपुर मच्छटी, मुड़ेरा बुजुर्ग, महेंद, सोनाड़ी, कबीरपुर सहित कई अन्य स्थानों पर नमाज अदा करने के बाद कब्रिस्तान में जाकर फातिहा पढ़ी। फखनपुरा में नायब तहसीलदार विश्राम सिंह यादव और प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय पुलिस कर्मियों के साथ मौजूद थे।