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Ghazipur News: थमाया 73 हजार का बिल, कहा-किडनी बेचो या खून.... जमा करो पैसा
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पुलिस ने समझा-बुझाकर कराया मामले को रफा-दफा
संवाद न्यूज एजेंसी
औड़िहार। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के भटौला गांव के एक निजी अस्पताल संचालक को एक गर्भवती महिला के प्रसव के नाम पर 73 हजार रुपये का बिल थमाना दिया। इतना ही नहीं महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के लोगों ने दबाव बनाया कि किडनी बेचो या खून लेकिन पैसा जमा करो। रविवार को महिला कोतवाली पहुंची। पुलिस ने अस्पताल संचालक को थाने बुलाया। घंटों जद्दोजहद के बाद पुलिस ने समझौता कराकर मामला रफा-दफा करा दिया।
बहरियाबाद निवासी गर्भवती उमा (20) की प्रसव हुई तो पति अजय बनवासी उसे उपचार के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर लेकर जा रहा था। रास्ते में हालत गंभीर होने पर परेशान हो गया। इसी बीच भटौला स्थित निजी अस्पताल का एक बिचौलिया उससे मिला और कहा कि 16 हजार रुपये में प्रसव करा देगा। उमा को वहां भर्ती कराया गया। अस्पताल में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया।
इस बीच चिकित्सा और दवा के नाम पर महिला के परिजनों से 41 हजार रुपये लिये गए। शनिवार को अस्पताल संचालक ने 73 हजार रुपये का बिल बताया तो परिजन के होश उड़ गए। उसने इतना बिल चुका पाने में असमर्थता जताई। उधर अस्पताल के लोग बाकी 32 हजार का बकाया चुकाने के लिए किडनी बेचने अथवा खून बेचकर हर हालत में पैसा जमा कराने का दबाव बनाने लगे।
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इससे परेशान परिजन गांव और क्षेत्र की महिलाओं के साथ सैदपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। इस पर कोतवाल ने अस्पताल संचालक बुलाया और सुलह-समझौता कराया। इस संबंध में कोतवाल वंदना सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का आपस में समझौता कराकर मामला रफा-दफा करा दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
औड़िहार। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के भटौला गांव के एक निजी अस्पताल संचालक को एक गर्भवती महिला के प्रसव के नाम पर 73 हजार रुपये का बिल थमाना दिया। इतना ही नहीं महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के लोगों ने दबाव बनाया कि किडनी बेचो या खून लेकिन पैसा जमा करो। रविवार को महिला कोतवाली पहुंची। पुलिस ने अस्पताल संचालक को थाने बुलाया। घंटों जद्दोजहद के बाद पुलिस ने समझौता कराकर मामला रफा-दफा करा दिया।
बहरियाबाद निवासी गर्भवती उमा (20) की प्रसव हुई तो पति अजय बनवासी उसे उपचार के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर लेकर जा रहा था। रास्ते में हालत गंभीर होने पर परेशान हो गया। इसी बीच भटौला स्थित निजी अस्पताल का एक बिचौलिया उससे मिला और कहा कि 16 हजार रुपये में प्रसव करा देगा। उमा को वहां भर्ती कराया गया। अस्पताल में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया।
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इस बीच चिकित्सा और दवा के नाम पर महिला के परिजनों से 41 हजार रुपये लिये गए। शनिवार को अस्पताल संचालक ने 73 हजार रुपये का बिल बताया तो परिजन के होश उड़ गए। उसने इतना बिल चुका पाने में असमर्थता जताई। उधर अस्पताल के लोग बाकी 32 हजार का बकाया चुकाने के लिए किडनी बेचने अथवा खून बेचकर हर हालत में पैसा जमा कराने का दबाव बनाने लगे।
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इससे परेशान परिजन गांव और क्षेत्र की महिलाओं के साथ सैदपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। इस पर कोतवाल ने अस्पताल संचालक बुलाया और सुलह-समझौता कराया। इस संबंध में कोतवाल वंदना सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का आपस में समझौता कराकर मामला रफा-दफा करा दिया गया है।