फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Greenfield Expressway: Farmers of 87 villages of three tehsils will soon get compensation

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे : तीन तहसीलों के 87 गांव के किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा

Sat, 09 Jul 2022 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
Greenfield Expressway: Farmers of 87 villages of three tehsils will soon get compensation
चार लेन की ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना को जमीन पर उतारने की पहल शुरू हो गई है। जुलाई के अंत तक जनपद के किसानों को मुआवजा राशि दी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर से ग्राम से प्रस्ताव मंगाया गया है। जनपद के सदर, मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद तहसील के 87 गांवों के करीब 12 हजार किसानों को मुआवजे की राशि दी जाएगी। एनएचएआई ने जनपद के किसानों को मुआवजा देने के लिए पहली किस्त के तौर पर 500 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें गाजीपुर को 150 करोड़ रुपये मिले हैं। जिसको किसानों को देने के बाद अगस्त में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

इस परियोजना का विस्तार गाजीपुर के सदर तहसील के जंगीपुर से शुरू होकर 117 किमी लंबाई में छपरा के रिविलगंज तक है। इससे निकला लिंक रोड जनपद के करीमुद्दीनपुर के ऊंचाडीह से बक्सर तक 17.2 किमी तक निर्मित किया जाएगा। ऐसे में जनपद की तहसील कासिमाबाद में 5, मुहम्मदाबाद में 60 और सदर में 22 गांव की जमीन परियोजना के जद में है। एनएचएआई ने पहले ही गांवों में सर्वे का काम पूरा कर पत्थर लगा दिया गया है। अब सिर्फ मुआवजे का रेट तय कर जमीन के मालिकों को धनराशि दी जानी है।
विज्ञापन

यह परियोजना 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करना है। केंद्र सरकार ने हाल ही में पहली किस्त में करीब 500 करोड़ रुपये जारी की है। जिस राशि से गाजीपुर और बलिया के करीब 20 हजार किसानों को मुआवजा देना है। बता दें कि गाजीपुर के 87 और बलिया के सदर और बैरिया के तहसील के कुल 98 गांव से होकर परियोजना को गुजरना है। फिलहाल, दोनों ही जिला प्रशासन 80 फीसदी किसानों को मुआवजा देने को लेकर प्रक्रिया में लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेड़-पौधे लगाने के साथ तालाबों और अन्य जल स्त्रोतों का होगा संरक्षण
ग्रीनफील्ड के दोनों तरफ पेड़ों को लगाने का काम होगा। साथ ही परियोजना के आस-पास के तालाब, नदी समेत अन्य जल स्त्रोतों का संरक्षण भी किया जाएगा। जिससे पूरी परियोजना के चारों ओर पर्यावरण का विशेष आवरण बना रहे। इसके साथ ही परियोजना के किनारे विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) और ट्रांसपोर्ट हब बनाने की भी योजना है। माना जा रहा है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को जोड़ने के दौरान ही उस क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट हब निर्मित होगा।
पूर्वी छोर से बढ़ेगा व्यापार
प्रदेश के सबसे पूर्वी छोर पर बसे बलिया को ग्रीनफील्ड से जोड़ने से लखनऊ जाने में समय की काफी बचत होगी। जिस तरह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनने से तीन घंटे में लखनऊ पहुंचा जा रहा है। ऐसे ही बलिया, छपरा और बक्सर के लोग भी साढ़े तीन से चार घंटे में लखनऊ पहुंच सकेंगे। क्योंकि पूरा क्षेत्र इंटर कनेक्टेड होने से आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की सब्जी, अनाज, दूध समेत अन्य प्राथमिक उत्पाद तेजी से बड़े शहरों को भेजा जा सकेगा। और, वहां के माल तेजी से छोटे शहरों की ओर आ सकेंगे।

यह बलिया लोकसभा के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट है। जो प्रदेश से सबसे पूर्वी हिस्से को देश और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जोड़ने का काम करेगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे से महानगर का माल जल्दी पहुंचेगा। जिससे क्षेत्र में आर्थिक प्रगति होने से लोगों का जीवन स्तर काफी सुधरेगा। - वीरेंद्र सिंह मस्त, बलिया सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed