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मांगों को अनसुना कर सरकार ने किसान विरोधी चेहरा उजागर किया
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लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को मंत्रीमंडल से बर्खास्त करने और महंगाई पर अंकुश लगाने आदि मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर वाम दलों और जनवादी संगठनों के लोगों ने मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली कारपोरेट समर्थक सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष के 11 महीने पूरे हो रहे हैं लेकिन सरकार ने किसानों की मांगों को अनसुना कर अपना किसान विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने की जगह उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कांड की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख डीआईजी के तबादले की निंदा करते हुए कहा कि न्याय से समझौता होने से पहले जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट की ओर से की जानी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि फसल की बुवाई का समय है लेकिन डीएपी, यूरिया बाजार से गायब है। अपने फसल की बुवाई में खाद की जरूरत के चलते किसान दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर समय रहते प्रशासन कड़ा कदम नहीं उठाता है तो किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। महंगाई पर लगाम लगाने का वादा करके आई मोदी सरकार में कमरतोड़ महंगाई के चलते आम लोग परेशान हैं। 18 महीने में डीजल की कीमत 26 रुपये, पेट्रोल की कीमत 36 रुपये हो गई है जबकि गैस सिलिंडर की कीमत 450 से एक हजार रुपये पहुंच गई है। जरूरी उपभोग की वस्तुओं के दाम कम होने के बजाए लगातार बढ़ रहे हैं। मोदी सरकार महंगाई रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र सक्षम अधिकारी को सौंपा गया।
धरना सभा को आजाद यादव, मोती प्रधान, योगेंद्र भारती, भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, नंदकिशोर बिंद, डॉ. रामबदन सिंह, रामाश्रय यादव, मनोज कुशवाहा, सत्येंद्र कुमार, भाकपा माले के जिला सचिव रामप्यारे राम, उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम, विजयबहादुर सिंह, योगेंद्र यादव, ईश्वरलाल गुप्ता, रामअवध राम, असगरी बेगम ने संबोधित किया। अध्यक्षता अमरनाथ यादव और संचालन मु. नसीरुद्दीन ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने की जगह उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कांड की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख डीआईजी के तबादले की निंदा करते हुए कहा कि न्याय से समझौता होने से पहले जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट की ओर से की जानी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि फसल की बुवाई का समय है लेकिन डीएपी, यूरिया बाजार से गायब है। अपने फसल की बुवाई में खाद की जरूरत के चलते किसान दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर समय रहते प्रशासन कड़ा कदम नहीं उठाता है तो किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। महंगाई पर लगाम लगाने का वादा करके आई मोदी सरकार में कमरतोड़ महंगाई के चलते आम लोग परेशान हैं। 18 महीने में डीजल की कीमत 26 रुपये, पेट्रोल की कीमत 36 रुपये हो गई है जबकि गैस सिलिंडर की कीमत 450 से एक हजार रुपये पहुंच गई है। जरूरी उपभोग की वस्तुओं के दाम कम होने के बजाए लगातार बढ़ रहे हैं। मोदी सरकार महंगाई रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र सक्षम अधिकारी को सौंपा गया।
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धरना सभा को आजाद यादव, मोती प्रधान, योगेंद्र भारती, भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, नंदकिशोर बिंद, डॉ. रामबदन सिंह, रामाश्रय यादव, मनोज कुशवाहा, सत्येंद्र कुमार, भाकपा माले के जिला सचिव रामप्यारे राम, उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम, विजयबहादुर सिंह, योगेंद्र यादव, ईश्वरलाल गुप्ता, रामअवध राम, असगरी बेगम ने संबोधित किया। अध्यक्षता अमरनाथ यादव और संचालन मु. नसीरुद्दीन ने किया।
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