{"_id":"64d3e5552c1007f8cd0045b4","slug":"got-some-relief-the-water-level-of-the-ganga-decreased-ghazipur-news-c-313-1-svns1023-1847-2023-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: िमली थोड़ी राहत, गंगा का जलस्तर घटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: िमली थोड़ी राहत, गंगा का जलस्तर घटा
विज्ञापन
फोटो-- -
-कई इलाकों में अभी भी लगा है पानी, संपर्क मार्ग हैं जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा नदी के तटवर्टी इलाकों में रहने वालों के लिए राहत भरी खबर है। बुधावर को जल स्तर दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम होने लगा है। आपदा विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक शाम पांच बजे तक जल स्तर 61.670 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि अभी भी कई इलाकों में नदी का पानी लगा हुआ है, जिससे वहां के लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा नदी का जल स्तर एक दिन पहले दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। इससे नदी का जल स्तर मंगलवार की शाम पांच बजे तक 61.610 मीटर पर पहुंच गया था। वहीं, कई इलाकों में इसके चलते पानी लगने लगा था। कुछ संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए थे, जिसे देखते हुए नदी के तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोग वर्ष 2022 में आए विनाशकारी बाढ़ की भी चर्चा करने लगे। वजह पिछले वर्ष बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर था।
ऐसे में लोगों की चिंता में ही बीती, हालांकि सुबह उन्हें राहत भरी जानकारी मिली। नदी का बढ़ रहा जल स्तर अचानक दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम होने लगा। रेवतीपुर: गंगा के जलस्तर में कमी के बाद भी निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लगा है। नसीरपुर व हसनपुरा गांव के निचले इलाके के खेतों में पानी लग गया है। इससे इन दोनों गांवों को जाने वाले मार्ग जलमग्न हो गए हैं।
विज्ञापन
कुछेक लोग पशुओं के लिए अभी से चारे को काटकर संग्रह करने में लगे हैं। रामपुर, नगदीलपुर, बीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, कल्यानपुर, जग्गीकापुरा, तिलवां, गोपालपुर, परमानंदपुर, अठहठा आदि गांव बाढ के पानी से चारों ओर से पूरी तरह से घिर जाते हैं, जिसके चलते इन गावों का संपर्क दूसरे गांव व जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट जाता है।
औड़िहार: सैदपुर में इलाके में को गंगा का जलस्तर नीचे की ओर खिसकने लगा है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ के चलते गंगा की कछार में बोई गई सब्जी की खेती पानी में डूब गई है। इससे सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान पहुंचा है। पटना, खरौना, जौहरगंज, राम तवक्का, कोलुवा टोला, फुलवारी, चकेरी, गायघाट में खरीफ की फसलें भी डूबी दिखाई दे रही हैं।
विज्ञापन
-कई इलाकों में अभी भी लगा है पानी, संपर्क मार्ग हैं जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा नदी के तटवर्टी इलाकों में रहने वालों के लिए राहत भरी खबर है। बुधावर को जल स्तर दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम होने लगा है। आपदा विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक शाम पांच बजे तक जल स्तर 61.670 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि अभी भी कई इलाकों में नदी का पानी लगा हुआ है, जिससे वहां के लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा नदी का जल स्तर एक दिन पहले दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। इससे नदी का जल स्तर मंगलवार की शाम पांच बजे तक 61.610 मीटर पर पहुंच गया था। वहीं, कई इलाकों में इसके चलते पानी लगने लगा था। कुछ संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए थे, जिसे देखते हुए नदी के तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोग वर्ष 2022 में आए विनाशकारी बाढ़ की भी चर्चा करने लगे। वजह पिछले वर्ष बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर था।
विज्ञापन
ऐसे में लोगों की चिंता में ही बीती, हालांकि सुबह उन्हें राहत भरी जानकारी मिली। नदी का बढ़ रहा जल स्तर अचानक दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम होने लगा। रेवतीपुर: गंगा के जलस्तर में कमी के बाद भी निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लगा है। नसीरपुर व हसनपुरा गांव के निचले इलाके के खेतों में पानी लग गया है। इससे इन दोनों गांवों को जाने वाले मार्ग जलमग्न हो गए हैं।
विज्ञापन
कुछेक लोग पशुओं के लिए अभी से चारे को काटकर संग्रह करने में लगे हैं। रामपुर, नगदीलपुर, बीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, कल्यानपुर, जग्गीकापुरा, तिलवां, गोपालपुर, परमानंदपुर, अठहठा आदि गांव बाढ के पानी से चारों ओर से पूरी तरह से घिर जाते हैं, जिसके चलते इन गावों का संपर्क दूसरे गांव व जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट जाता है।
औड़िहार: सैदपुर में इलाके में को गंगा का जलस्तर नीचे की ओर खिसकने लगा है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ के चलते गंगा की कछार में बोई गई सब्जी की खेती पानी में डूब गई है। इससे सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान पहुंचा है। पटना, खरौना, जौहरगंज, राम तवक्का, कोलुवा टोला, फुलवारी, चकेरी, गायघाट में खरीफ की फसलें भी डूबी दिखाई दे रही हैं।