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निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना लक्ष्य

Fri, 27 Nov 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर Updated Fri, 27 Nov 2015 11:41 PM IST
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Goal to fair elections
प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता जिले में शांतिपूर्ण और पारदर्शिता के साथ ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव कराना है। इसके लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है ताकि लोग निर्भीक होकर बिना
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किसी दबाव के मतदान कर सकें। क्लस्टर टीमें भी लगाई गई हैं। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र का कहना ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नवागत जिलाधिकारी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद गुरुवार की रात को जिला पंचायत के सभागार में सभी सुपर जोनल, जोनल, सभी  सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत
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सदस्य के चुनाव को गंभीरता से  लिया जाए। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। कोई भी अधिकारी परदे के पीछे कोई  कार्य न करें बल्कि मतदान को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराए निर्वाचन में शांति  व्यवस्था कायम रखना है।

इसके लिए क्लस्टर टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों से  पीठासीन अधिकारियों की डायरी अनिवार्य रूप से देखने और  बैलेट पेपर में पीछे स्वास्तिक चिह्न लगवाना  सुनिश्चित करें।
 
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने निर्वाचन में  की गई तैयारियों तथा तैनात कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर अपर  जिलाधिकारी मुरलीधर मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी विद्याशंकर सिंह, ज्वाइंट 

मजिस्ट्रेट नेहा प्रकाश एवं सम्बन्धित समस्त अधिकारी उपस्थित थे। 
नवागत जिलाधिकारी डॉ. अशोक चंद्र 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  इससे पहले वे इटावा में मुख्य विकास

अधिकारी पद पर तैनात थे। वह उपजिलाधिकारी के रूप में मंसूरी, फीरोजाबाद, फर्रुखाबाद में काम कर चुके हैं। बतौर अपर  जिलाधिकारी बरेली, इटावा में तैनात रहे हैं। शासन में सहायक सचिव पद पर भी रह चुके हैं।

ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव स्याही मिटाकर फर्जी मतदान की कोशिश करने वालों पर कड़ी निगाह रखी जाएगी। मतदाता की पहचान करने के लिए उसकी उंगली पर लगी अमिट स्याही की जांच की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने निर्देश दिया है कि अगर किसी मतदाता ने अपनी उंगली पर तेल या ग्रीस लगा तो मतदान अधिकारी उसे कपड़े से रगड़कर पोछने के बाद ही अमिट स्याही से निशान लगाएं। स्याही का निशान


लगाने के बाद मतदाता को दूसरे मतदान अधिकारी के पास भेजा जाए। दूसरे मतदान अधिकारी सही तरीके से स्याही लगी होने और स्याही सूखने के बाद ही मतदान कराएं। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता ने पहले लगी स्याही को मिटाया तो नहीं है।

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