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नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों का शोषण व ठगी
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मुहम्मदाबाद। युसुफपुर बाजार के गरीब, बेरोजगार नवयुवकों को बहला-फुसला कर अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में इलाके के तबरेज अहमद खां ने दो लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
दाउदपुर गांव निवासी तबरेज अहमद ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि यूसुफपुर बाजार जमालपुर मुहल्ला निवासी मुहम्मद सहरोज अंसारी एवं उसके पिता जहीरूददीन अंसारी ने एक योजना के तहत हम बेरोजगार को नौकरी दिलाने, प्रति माह दो हजार अमेरिकी डालर भुगतान कराने और हर वर्ष वेतन वृद्धि की बात कह अफ्रीका भेज दिया। वहां पहुंचने पर बंधुआ मजदुर की तरह हमें रखा गया। इसके बाद वहां अठारह घंटे तक काम कराते रहे। आराम करने और अवकाश की बात कहने पर वे लोग फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी देते रहे कि तुम भारत नहीं जा पाओगे। अभियुक्तगण ने हमें 54 माह तक कार्य कराया। अभियुक्तगण से हमारा एक करोड 38 लाख नौ हजार 600 भारतीय रुपये में वेतन बनता है। जिसमें से मात्र 19 लाख 50 हजार रुपये भुगतान किया गया। यह लोग भारत आने के बाद हमको वापस जाने के लिए फर्जी एयर टिकट भी दिया था। पीड़ित द्वारा अपने बकाया वेतन का एक करोड 18 लाख 53 हजार 600 रुपये मागने एवं फर्जी टिकट की बात कहने पर अपशब्द कहकर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़ित पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने अभियुक्तगण को पकड़ कर कोतवाली ले आई। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी धर्मेद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जॉच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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दाउदपुर गांव निवासी तबरेज अहमद ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि यूसुफपुर बाजार जमालपुर मुहल्ला निवासी मुहम्मद सहरोज अंसारी एवं उसके पिता जहीरूददीन अंसारी ने एक योजना के तहत हम बेरोजगार को नौकरी दिलाने, प्रति माह दो हजार अमेरिकी डालर भुगतान कराने और हर वर्ष वेतन वृद्धि की बात कह अफ्रीका भेज दिया। वहां पहुंचने पर बंधुआ मजदुर की तरह हमें रखा गया। इसके बाद वहां अठारह घंटे तक काम कराते रहे। आराम करने और अवकाश की बात कहने पर वे लोग फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी देते रहे कि तुम भारत नहीं जा पाओगे। अभियुक्तगण ने हमें 54 माह तक कार्य कराया। अभियुक्तगण से हमारा एक करोड 38 लाख नौ हजार 600 भारतीय रुपये में वेतन बनता है। जिसमें से मात्र 19 लाख 50 हजार रुपये भुगतान किया गया। यह लोग भारत आने के बाद हमको वापस जाने के लिए फर्जी एयर टिकट भी दिया था। पीड़ित द्वारा अपने बकाया वेतन का एक करोड 18 लाख 53 हजार 600 रुपये मागने एवं फर्जी टिकट की बात कहने पर अपशब्द कहकर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़ित पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने अभियुक्तगण को पकड़ कर कोतवाली ले आई। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी धर्मेद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जॉच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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