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लिखित आश्वासन नहीं मिला तो सत्याग्रह में बदल जाएगा धरना
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गाजीपुर। सुहेलदेव, गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस एवं माता वैष्णो देवी कटरा गाजीपुर ट्रेनों के बलिया से संचालन के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को सातवें दिन धरना जारी रहा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव तथा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन प्रदान किया।
इस मौके पर कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तथा गाजीपुर से चल रही इन तीनों महत्वपूर्ण ट्रेनों का उद्घाटन एवं संचालन भाजपा के ही पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा किया गया था, लेकिन आज बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त द्वारा इन ट्रेनों को बलिया से चलाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है, जो बहुत ही निंदनीय है। इस प्रस्ताव से गाजीपुर की जनता अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी कीमत पर गाजीपुर का कर्मचारी समाज इन ट्रेनों का परिचालन बलिया से नहीं होने देगा। इन ट्रेनों को रोकने के लिए किसी भी हद तक व्यापक आंदोलन के लिए तैयार है। आयोजक विवेक कुमार सिंह शम्मी ने कहा कि अगर रविवार तक रेलवे प्रशासन या जिला प्रशासन द्वारा ट्रेनों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता है तो यह क्रमिक अनशन 24 घंटे के सत्याग्रह में बदल जाएगा और सभी सत्याग्रही फिर भूख हड़ताल के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस मौके पर अरविंद कुमार सिंह, अरविंद नाथ राय, ओंकारनाथ पांडेय, रामचंद्र गुप्ता, अब्दुल अजीज, शुभम श्रीवास्तव, रविराज, इंदीवर वर्मा, धनंजय सिंह, मो. परवेज, धर्मेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।
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इस मौके पर कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तथा गाजीपुर से चल रही इन तीनों महत्वपूर्ण ट्रेनों का उद्घाटन एवं संचालन भाजपा के ही पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा किया गया था, लेकिन आज बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त द्वारा इन ट्रेनों को बलिया से चलाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है, जो बहुत ही निंदनीय है। इस प्रस्ताव से गाजीपुर की जनता अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी कीमत पर गाजीपुर का कर्मचारी समाज इन ट्रेनों का परिचालन बलिया से नहीं होने देगा। इन ट्रेनों को रोकने के लिए किसी भी हद तक व्यापक आंदोलन के लिए तैयार है। आयोजक विवेक कुमार सिंह शम्मी ने कहा कि अगर रविवार तक रेलवे प्रशासन या जिला प्रशासन द्वारा ट्रेनों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता है तो यह क्रमिक अनशन 24 घंटे के सत्याग्रह में बदल जाएगा और सभी सत्याग्रही फिर भूख हड़ताल के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस मौके पर अरविंद कुमार सिंह, अरविंद नाथ राय, ओंकारनाथ पांडेय, रामचंद्र गुप्ता, अब्दुल अजीज, शुभम श्रीवास्तव, रविराज, इंदीवर वर्मा, धनंजय सिंह, मो. परवेज, धर्मेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।
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