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ई -हास्पीटल: अब मरीजों का डाटा होगा आनलाइन

Wed, 30 Oct 2019 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 11:36 PM IST
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ई-हास्पिटल: अब मरीजों का डाटा होगा ऑनलाइन
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जिला अस्पताल में ई-हास्पिटल की कवायद शुरू
स्वास्थ्य महकमे के प्रस्ताव पर शासन ने लगाई मुहर
पहले चरण में ओपीडी, आईपीडी और बिलिंग सिस्टम की होगी शुरूआत
गाजीपुर। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ई-हास्पिटल प्रक्रिया को जल्द लागू करने जा रही है। इसके तहत अब मरीजों की बीमारी से लेकर पूरा विवरण ऑनलाइन होगा। यह प्रक्रिया सबसे पहले जिला अस्पताल में आरंभ होगी। इसके बाद महिला अस्पताल एवं जनपद के सीएचसी और पीएचसी पर भी इसे लागू किया जाएगा। इस कार्य को मूर्त रूप देने की जिम्मेदारी एनआईसी को दी गई है। एनआईसी के कर्मचारी इसे पूरा करने में जुट गए हैं। तीन माह पहले शासन से मिले आदेश के बाद अब प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बुधवार को एनआईसी के अधिकारी जिला अस्पताल के सीएमएस डा. केएन चौधरी से मुलाकात कर कार्य में और गति लाने का आश्वासन दिया है।

एनआईसी के डीआईओ ने ई-हास्पिटल के संबंध में बताया इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के साथ ही जिला अस्पताल के साथ ही महिला अस्पताल एवं सीएचसी और पीएचसी के मरीजों का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। जिसे देश में कहीं भी देखा जा सकेगा। अस्पताल में भी रिकार्ड प्रबंधन काफी सरल हो जाएगा। पहले चरण में ओपीडी, आईपीडी और बिलिंग सिस्टम को प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद ब्लड बैंक समेत अन्य सेवाएं भी इससे जोड़ी जाएंगी। इस व्यवस्था के लागू होने के साथ ही आनलाइन मरीजों का पंजीयन होने लगेगा। मरीज का पूरा डेटाबेस, बीमारी, जांच रिपोर्ट, दवाएं ऑनलाइन हो जाएंगी। इतना ही नहीं अब अस्पताल में भर्ती मरीजों के बारे में भी ऑनलाइन सबकुछ दिखेगा। मरीज को कौन चिकित्सक देख रहे हैं ? उन्हें कौन सी दवा दी जा रही है ? क्या-क्या दवाएं चली हैं और रोग में कमी है या इजाफा इसका विवरण भी अपडेट होगा। इतना ही नहीं मरीज का पूरा डाटा सुरक्षित रहेगा। भविष्य में उसे अन्य बड़े अस्पताल में रेफर किए जाने के दौरान भी उसके पिछले रिकार्ड को देखा जा सकता है। इससे मरीजों को इलाज के काफी सुविधा मिलेगी। यह भी पता चलेगा कि किस डॉक्टर ने कब किस मरीज का इलाज किया था।
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नयी व्यवस्था से लाभ...
- मरीज जब एम्स या अन्य बड़े अस्पताल जाएगा, तो यूनिक नंबर के माध्यम से वहां के डॉक्टर मरीज का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे।
-मरीज की पूरी जांच रिपोर्ट पल भर में कहीं भी देखी जा सकेगी। यह भी पता चल सकेगा कि कब-कब क्या इलाज किया गया।
- मरीज को समय पर इलाज मिल सकेगा और उसका पूरा डाटा सुरक्षित रहेगा।
- बेड की स्थिति ऑनलाइन रहेगी। इससे बेड मैनेजमेंट आसान हो जाएगा।
- बिलिंग सिस्टम भी आसान हो जाएगा और रिकार्ड भी हमेशा दुरुस्त रहेंगे।
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