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गाजीपुरः बाढ़ पीड़ित 15238 में आधे को ही मिल पाई राहत सामग्री, फसल क्षतिपूर्ति का हो रहा सर्वे
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गाजीपुर। जिले के 15238 बाढ़ पीड़ितों की तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने राहत सामग्री का वितरण शुरू कराया है, लेकिन अभी तक आधे लोगों को ही राहत सामग्री मिल पाई है। 7384 परिवारों को अभी भी प्रशासन के राहत सामग्री का इंतजार है। सुस्त वितरण के पीछे तहसीलों पर राहत सामग्री की कम आपूर्ति होना बताया जा रहा है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को क्षतिपूर्ति का इंतजार है। प्रशासन की ओर से इस बाबत सर्वे शुरू करा दिया गया है। दो दिनों से कृषि विभाग, बीमा कंपनी और लेखपाल ने सर्वे का काम शुरू भी कर दिया है।
जिले में कुल 32 गांवों के करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने इसमें से कुल 15238 परिवारों के लिए राहत सामग्री की मांग की। जिला मुख्यालय की तरफ से तहसीलों को अभी तक सिर्फ 7854 राहत पैकेट ही उपलब्ध कराया जा सका है। इसमें जमानिया में करीब 800 पैकेट और सेवराई में 5039 पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण हुआ है। जबकि पूरे जिले में कुल 7384 परिवार अभी भी राहत सामग्री पाने से वंचित हैं।
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह का कहना है कि बाढ़ प्रभावित पांचों तहसीलों में न्याय पंचायत स्तर पर कृषि विभाग, बीमा कंपनी और लेखपाल सर्वे करा रहे हैं। दो दिन पहले सर्वे शुरू किया गया है। तहसील स्तर से सूची आने के बाद 15 दिनों में पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि बाढ़ में 33 फीसदी से अधिक फसल नुकसान होने पर राजस्व विभाग क्षतिपूर्ति का भुगतान करेगा। 50 फीसदी से अधिक नुकसान होेने पर बीमा कंपनी की ओर से क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। साथ ही कंपनी तत्काल सहायता राशि के रूप में कुल बीमा राशि का 25 फीसद मुहैया कराएगी। बताया कि जिले में कुल 21 हजार किसानों ने फसल का बीमा कराया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इसमें से कितने किसान बाढ़ प्रभावित हैं। उसी आधार पर उनको क्षतिपूर्ति की जाएगी।
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खतरे के निशान से सवा तीन मीटर नीचे बह रहीं गंगा
जिले में गंगा नदी का जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। बुधवार को दोपहर बाद दो बजे तक गंगा का जलस्तर 61.240 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान से करीब सवा तीन मीटर नीचे बताया गया।
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जिले में कुल 32 गांवों के करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने इसमें से कुल 15238 परिवारों के लिए राहत सामग्री की मांग की। जिला मुख्यालय की तरफ से तहसीलों को अभी तक सिर्फ 7854 राहत पैकेट ही उपलब्ध कराया जा सका है। इसमें जमानिया में करीब 800 पैकेट और सेवराई में 5039 पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण हुआ है। जबकि पूरे जिले में कुल 7384 परिवार अभी भी राहत सामग्री पाने से वंचित हैं।
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जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह का कहना है कि बाढ़ प्रभावित पांचों तहसीलों में न्याय पंचायत स्तर पर कृषि विभाग, बीमा कंपनी और लेखपाल सर्वे करा रहे हैं। दो दिन पहले सर्वे शुरू किया गया है। तहसील स्तर से सूची आने के बाद 15 दिनों में पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि बाढ़ में 33 फीसदी से अधिक फसल नुकसान होने पर राजस्व विभाग क्षतिपूर्ति का भुगतान करेगा। 50 फीसदी से अधिक नुकसान होेने पर बीमा कंपनी की ओर से क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। साथ ही कंपनी तत्काल सहायता राशि के रूप में कुल बीमा राशि का 25 फीसद मुहैया कराएगी। बताया कि जिले में कुल 21 हजार किसानों ने फसल का बीमा कराया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इसमें से कितने किसान बाढ़ प्रभावित हैं। उसी आधार पर उनको क्षतिपूर्ति की जाएगी।
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खतरे के निशान से सवा तीन मीटर नीचे बह रहीं गंगा
जिले में गंगा नदी का जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। बुधवार को दोपहर बाद दो बजे तक गंगा का जलस्तर 61.240 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान से करीब सवा तीन मीटर नीचे बताया गया।