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गाजीपुर: पानी भरे गड्ढे में डूबकर इकलौते पुत्र की मौत, जीवित्पुत्रिका व्रत के दिन हुई घटना, परिजन बेसुध
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गाजीपुर के बरेसर थानाक्षेत्र के बाराचवर बंधे के पास बुधवार की शाम पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण में मिट्टी लेने के लिए खोदे गए गड्ढे के पानी में डूबकर एक बालक की मौत हो गई। जीवित्पुत्रिका पर्व के दिन इकलौते पुत्र की मौत ने परिजनों को झकझोर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर बालक के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में पुत्र की हत्या कर शव गड्ढे में फेंकने की आशंका जताई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
अमहट बड़की बारी गांव निवासी प्रियांशु यादव (11) कोचिंग पढ़कर शाम पांच बजे अमहट बंधा स्थित अपनी आलमारी की दुकान पर पहुंचा। दुकान पर मौजूद उसके पिता श्याम नारायन यादव ने उसे घर भेज दिया। वह घर पहुंचने के बाद साइकिल लेकर निकल गया। इधर मां शीला देवी पुत्र की सलामती के लिए जीवित्पुत्रिका का व्रत थी। वह पूजा-पाठ में व्यस्त थी। काफी देर बाद जब बालक घर नहीं पहुंचा तो मां ने इसकी सूचना पति को मोबाइल से दी। श्याम नारायन दुकान बंद कर घर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बालक की तलाश करने लगे। इसी दौरान बाराचवर बंधा स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में मिट्टी के लिए खोदे गए गड्ढे के पास उसकी साइकिल मिली।
परिजनों और ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद पानी से भरे गड्ढे से बालक को बाहर निकाला और सीएचसी बाराचवर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की जानकारी होने पर मां शीला देवी, छोटी बहन साक्षी एवं परिवार की अन्य महिलाएं दहाड़े मारकर बिलखने लगीं। इकलौते पुत्र के शव को देख माता-पिता बार-बार अचेत हो जा रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
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अमहट बड़की बारी गांव निवासी प्रियांशु यादव (11) कोचिंग पढ़कर शाम पांच बजे अमहट बंधा स्थित अपनी आलमारी की दुकान पर पहुंचा। दुकान पर मौजूद उसके पिता श्याम नारायन यादव ने उसे घर भेज दिया। वह घर पहुंचने के बाद साइकिल लेकर निकल गया। इधर मां शीला देवी पुत्र की सलामती के लिए जीवित्पुत्रिका का व्रत थी। वह पूजा-पाठ में व्यस्त थी। काफी देर बाद जब बालक घर नहीं पहुंचा तो मां ने इसकी सूचना पति को मोबाइल से दी। श्याम नारायन दुकान बंद कर घर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बालक की तलाश करने लगे। इसी दौरान बाराचवर बंधा स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में मिट्टी के लिए खोदे गए गड्ढे के पास उसकी साइकिल मिली।
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परिजनों और ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद पानी से भरे गड्ढे से बालक को बाहर निकाला और सीएचसी बाराचवर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की जानकारी होने पर मां शीला देवी, छोटी बहन साक्षी एवं परिवार की अन्य महिलाएं दहाड़े मारकर बिलखने लगीं। इकलौते पुत्र के शव को देख माता-पिता बार-बार अचेत हो जा रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
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