रिश्वत मामला: गाजीपुर अफीम फैक्टरी के महाप्रबंधक निलंबित, राजस्थान के डीजीपी ने यूपी डीजीपी से जांच में मांगा सहयोग
रिश्वत की धनराशि के साथ पकड़े गए महाप्रबंधक शशांक यादव के प्रयागराज स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाने के लिए राजस्थान के डीजीपी ने उत्तर प्रदेश देश के डीजीपी को पत्र लिखकर सहयोग मांगा।
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राजस्थान की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के हत्थे चढ़े गाजीपुर अफीम फैक्टरी के महाप्रबंधक को केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोमवार को प्रबंधक ओपी राय ने जांच टीम की ओर से दिए गए पत्र की एक रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार और विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी।
वहीं भ्रष्टाचार में लिप्त और रिश्वत की धनराशि के साथ पकड़े गए महाप्रबंधक शशांक यादव के नवापुरा स्थित सरकारी आवास एवं प्रयागराज स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाने के लिए राजस्थान के डीजीपी ने प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर सहयोग मांगा था। प्रदेश के डीजीपी के निर्देश पर वाराणसी विजिलेंस के डिप्टी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम ने करीब दो घंटे का सर्च अभियान चलाने के साथ मकान के मुख्य गेट, परिसर एवं प्रत्येक कमरे को खंगालने के साथ वीडियोग्राफी की।
टीम ने रविवार शाम सबसे पहले डीएम एमपी सिंह से मुलाकात की। साथ ही उन्हें सर्च अभियान के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस को लेकर टीम अफीम फैक्ट्री के प्रबंधक ओपी राय के कार्यालय पहुंची। वहां से उन्हें साथ लेने के बाद टीम शाम चार बजे नवापुरा स्थित महाप्रबंधक के आवास पर पहुंची।
मुख्य द्वार पर बंद ताले को तोड़वाया और फिर एक-एक कमरे और परिसर को खंगालने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले सर्च अभियान की वीडियोग्राफी की गई। अभियान शुरू करने से पूर्व पुलिस एवं जांच टीम के अन्य सदस्यों ने आवास को चारों तरफ से घेर लिया था।
जांच अभियान समाप्त होने के बाद जांच टीम के डिप्टी एसपी विजय मल्ल यादव ने पूरी जांच प्रक्रिया की रिपोर्ट की एक प्रति प्रबंधक ओपी राय को भी उपलब्ध कराई। इसके बाद वे पुन: वाराणसी के लिए रवाना हो गए। इधर प्रबंधक ने मिली रिपोर्ट की एक प्रति से रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार एवं विभागीय अधिकारियों के पास भेज दिया है।
महाप्रबंधक के करीबियों पर भी एसीबी पैनी नजर गड़ाए हुए है। भ्रष्टाचार की जड़ कहां तक गई है। इसको लेकर टीम विभिन्न प्रांतों में सर्च अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इस भ्रष्टाचार में महाप्रबंधक के साथ शामिल लोगों को दबोचने के लिए टीम गिरफ्तार महाप्रबंधक को लेकर जल्द ही जिले में धमकने वाली है।
अफीम फैक्टरी गाजीपुर के प्रबंधक ओपी राय ने कहा कि डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सर्च अभियान के बाद रिपोर्ट की एक प्रति की रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी है। महाप्रबंधक को रिश्वत के साथ पकड़े जाने के 24 घंटे बाद निलंबित कर दिया गया था। सर्च अभियान में टीम को कुछ नहीं मिला। जिले में एसीबी की टीम के आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।