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एक साथ उठी तीन अर्थियां, मचा कोहराम
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रेवतीपुर। भदौरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की जद में आने से मां-बेटी सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को तीनों शव के रेवतीपुर गांव में आने पर कोहराम मच गया। परिवार के लोग शवों से लिपटकर चीख-पुकार करने लगे। एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरा गांव रो पड़ा।
भदौरा रेलव स्टेशन पर लाइन पार करते समय शनिवार की रात करीब नौ बजे ट्रेन की जद में आने से रेवतीपुर गांव निवासी अजीत पांडेय (30), प्रियंवदा देवी (28) और उनकी पुत्री अर्चिता (7) की मौत होने एक वर्षीय बच्ची के घायल होने की सूचना आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रात के सन्नाटे में परिजनों के रोने की आवाज गूंजने लगी। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, वह मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए पहुंच गया। दोनों परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौके के लिए रवाना हो गए। पूरी रात गमगीन माहौल में परिजनों के सिसकियां सुनाई देती रही। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे जैसे ही तीनों शव गांव में पहुंचे, परिवार के लोग दहाड़े मारकर चीख-पुकार करने लगे। अजीत पांडेय की मां कृष्णा देवी, पिता सुखराम पांडेय बेटे के शव से लिपटकर बिलखने लगे। लोगों द्वारा दिए जा रहे सांत्वना के बाद भी उनके आंसू थम नहीं रहे थे। अत्युतानंद पत्नी प्रियंवदा और बेटी अर्चिता के शव से लिपटकर रोने लगे। एक साथ तीन अर्थियां उठी। इस दौरान मृतक के परिजनों के साथ ही पूरा गांव रो पड़ा और घटना के लिए ऊपर वाले की दुहाई देने लगा। मालूम हो कि रेवतीपुर गांव निवासी अजीत पांडेय (32) रविवार की रात अपने पड़ोस की रहने वाली प्रियंवदा पांडेय (25), उसके पति अच्युतानंद पांडेय, इनकी बेटी अर्चिता पांडेय (7) और एक वर्ष की बेटी को भदौरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने के लिए गया था। रात में करीब नौ बजे रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की जद में आने से अजीत, प्रियंवदा और अर्चिता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक वर्षीय बच्ची घायल हो गई थी।
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भदौरा रेलव स्टेशन पर लाइन पार करते समय शनिवार की रात करीब नौ बजे ट्रेन की जद में आने से रेवतीपुर गांव निवासी अजीत पांडेय (30), प्रियंवदा देवी (28) और उनकी पुत्री अर्चिता (7) की मौत होने एक वर्षीय बच्ची के घायल होने की सूचना आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रात के सन्नाटे में परिजनों के रोने की आवाज गूंजने लगी। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, वह मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए पहुंच गया। दोनों परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौके के लिए रवाना हो गए। पूरी रात गमगीन माहौल में परिजनों के सिसकियां सुनाई देती रही। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे जैसे ही तीनों शव गांव में पहुंचे, परिवार के लोग दहाड़े मारकर चीख-पुकार करने लगे। अजीत पांडेय की मां कृष्णा देवी, पिता सुखराम पांडेय बेटे के शव से लिपटकर बिलखने लगे। लोगों द्वारा दिए जा रहे सांत्वना के बाद भी उनके आंसू थम नहीं रहे थे। अत्युतानंद पत्नी प्रियंवदा और बेटी अर्चिता के शव से लिपटकर रोने लगे। एक साथ तीन अर्थियां उठी। इस दौरान मृतक के परिजनों के साथ ही पूरा गांव रो पड़ा और घटना के लिए ऊपर वाले की दुहाई देने लगा। मालूम हो कि रेवतीपुर गांव निवासी अजीत पांडेय (32) रविवार की रात अपने पड़ोस की रहने वाली प्रियंवदा पांडेय (25), उसके पति अच्युतानंद पांडेय, इनकी बेटी अर्चिता पांडेय (7) और एक वर्ष की बेटी को भदौरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने के लिए गया था। रात में करीब नौ बजे रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की जद में आने से अजीत, प्रियंवदा और अर्चिता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक वर्षीय बच्ची घायल हो गई थी।
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