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केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भारत बंद का रहा मिलाजुला असर

Thu, 09 Jan 2020 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:30 AM IST
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GAZIPUR
गाजीपुर। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रम संगठनों की अपील एवं राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान पर जिले में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ, सेंट्रल आफ इंडिया ट्रेड यूनियन, अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी, यूपी बैंक इम्पलाईज यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, उत्तर प्रदेश किसान सभा, मेडिकल फोरम (यूपीएमएसआरए), आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन एवं जुलूस निकालकर अपनी भड़ास निकाली। इस दौरान अधिकतर सरकारी कार्यालय कर्मचारी विहीन थे। कुछ में ताले लटकते रहे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारियों ने सदर विकास खंड मुख्यालय तथा विकास भवन से जुलूस निकालकर नगर भ्रमण किया और लोक निर्माण विभाग में पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष अंबिका दुबे और दुर्गेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत बंद में बुधवार को आम हड़ताल में हिस्सा लिया। जिसके तहत सीटू से संबद्ध यूनियन ने जिसमे यूपीएमएसतरए और आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के सदस्यों ने सैकड़ों की संख्या में लंका स्थित रामलीला मैदान में एकत्रित हुए और जुलूस निकाला। यह लंका से चलकर सकलेनाबाद, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार, महुआबाग होते हुए कचहरी स्थित पीडब्लूडी प्रांगण में पँहुचा। हड़ताल के समर्थन में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का जुलूस, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जुलूस विकास भवन से चलकर सभा स्थल पर पहुँचा, हड़ताल के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा एवं खेत मजदूर यूनियन का जुलूस टाषउनहाल से चलकर, लालदरवाजा, मिश्रबाजार होते हुए सभा स्थल पर पहुँचा। इसी प्रकार सभी विभागों के तथा स्वतंत्र मजदूर यूनियनों का जुलूस भी अपने -अपने स्थान से चलकर और शहर के विभिन्न मार्ग होते हुए सभा स्थल पर पहुंचा, जहाँ सीटू के बैनर तले एक विशाल धरना सभा मे तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुवे सीटू के प्रदेश सचिव आरएम राय ने बताया कि आज देश भर के 25 करोड़ मजदूर और कर्मचारी अपनी जायज मांगों के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं। जिसे देश के किसानों का भी समर्थन मिला हुआ है। सीटू आने संग अन्य 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों मजदूरों के स्वतंत्र फेडरेशनों के साथ लड़ाई लड़ रहा है। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका दुबे, जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव, कर्मचारी नेता मान्धाता सिंह, महासंघ के नेता विजय शंकर राय, मनोज राय, कमर्चारी नेता बलेन्दु त्रिपाठी, अनंत सिंह, दुर्गेश सिंह, अटेवा के साथी योगेंद्र पटेल, दिग्विजय सिंह, अभय सिंह, आंगनबाड़ी नेता वंदना सिंह, ज्योति भूषण, एसके राय, राव वीरेंद्र, विजय बहादुर सिंह, वीरेंद्र गौतम, सौरभ पाण्डेय, मनोहर यादव, रामदरश, नसीरुद्दीन, जाफ़र अब्बास आब्दी सहित हर जनसंगठन के पदधिकारो ने सभा को संबोधित किया। एसडीएम ने सभा स्थल ओर पहुँच कर मांगों का ज्ञापन लिया। धरना सभा की अध्यक्षता साथी वृंदा सिंह ने तथा संचालन मोहम्मद अफ़जल ने किया।
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इसी क्रम में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से बुधवार को भारत बंद के दौरान रेलवे स्टेशन से जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष वीवी सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के हित में फैसले लिए जाए। नंदगंज चीनी मिल और कताई मिल बड़ौरा को चालू किया जाए। किसान सम्मान निधि का पैसा खेती में लगे सभी किसानों को बिना भेदभाव के दिया जाए। इस मौके पर नसरूद्दीन, विरेंद्र कुमार गौतम सहित अन्य लोग शामिल रहे। जबकि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि मोदी, शाह की सरकार तानाशाही की तरफ कदम बढ़ा रही है। यह सरकार श्रम कानूनों पर हमला बोल रही है। सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण कर रही है। बैंकों का विलय कर उसे निजी हाथों पर सौंपने को तैयार है। इस मौके पर रामअवध, जर्नादन, डा. राम बदन सिंह, गुलाब सिंह, रामप्यारे राम, सूर्यनाथ यादव, योगेंद्र भारती, राजीव सिंह, शशिकांत राय, ईश्वर लाल गुप्ता, कुसुम तिवारी, दीना सिंह आदि लोग मौजूद रहे।इनसेट..
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