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जिला अस्पताल में जल्द शुरू होगा डायलिसिस
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गाजीपुर। शहर के गोराबाजार स्थित जिला अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी गई है और स्थान का चयन कर लिया गया है। किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस बहुत आवश्यक होता है। आम तौर पर एक बार डायलिसिस कराने में पांच से सात हजार रुपये तक का खर्च आता है। यह प्रक्रिया कई बार करानी पड़ती है। इसमें गरीब मरीजों को कर्जदार बनना पड़ जाता है। इस सुविधा के शुरू हो जाने से गरीब तबके के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इसकी जांच-पड़ताल के लिए लखनऊ से एक टीम जनवरी माह में आने वाली है।
जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए एक साल पहले उच्चाधिकारियों तथा शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था लेकिन डायलिसिस सेंटर खोलने के लिए विभाग द्वारा अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इधर, राज्य सरकार के मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के सचिव और आलाधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस बीच अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर करने के साथ ही यहां डायलिसिस की सुविधा आदि दिलाने की मांग की गई थी। इन अधिकारियों और समाजसेवियों की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की ओर से इस सुविधा को मुहैया कराने के बाबत पत्राचार किया गया है। राज्य सरकार की ओर से (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) पीपीपी माडल में कई जिले में डायलिसिस सुविधा शुरू किया जाना है। इसमें गाजीपुर का भी नाम शामिल है। इधर, अस्पताल प्रशासन की ओर से भी प्रथम तल पर एक स्थान का चयन कर इसकी सूचना सरकार को भेज दिया गया है। हालांकि इसमें लाखों खर्च होंगे। मशीन के मेंटनेंस, कर्मचारी, तकनीकी सहायक आदि को खर्च भी आएगा लेकिन पीपीपी माडल पर हो रहे इस काम को लेकर यह कहा जा सकता है कि इससे यह सुविधा सुचारु बनी रहेगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक केएन चौधरी ने बताया कि बहुत जल्द जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा मुहैया होगी। इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है। कहा कि किडनी तथा अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के निदान के लिए जिला अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा से गरीब मरीज शोषण के शिकार से बचेंगे। इसके जगह का निर्धारण कर शासन को सूचित कर दिया गया है।
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जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए एक साल पहले उच्चाधिकारियों तथा शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था लेकिन डायलिसिस सेंटर खोलने के लिए विभाग द्वारा अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इधर, राज्य सरकार के मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के सचिव और आलाधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस बीच अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर करने के साथ ही यहां डायलिसिस की सुविधा आदि दिलाने की मांग की गई थी। इन अधिकारियों और समाजसेवियों की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की ओर से इस सुविधा को मुहैया कराने के बाबत पत्राचार किया गया है। राज्य सरकार की ओर से (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) पीपीपी माडल में कई जिले में डायलिसिस सुविधा शुरू किया जाना है। इसमें गाजीपुर का भी नाम शामिल है। इधर, अस्पताल प्रशासन की ओर से भी प्रथम तल पर एक स्थान का चयन कर इसकी सूचना सरकार को भेज दिया गया है। हालांकि इसमें लाखों खर्च होंगे। मशीन के मेंटनेंस, कर्मचारी, तकनीकी सहायक आदि को खर्च भी आएगा लेकिन पीपीपी माडल पर हो रहे इस काम को लेकर यह कहा जा सकता है कि इससे यह सुविधा सुचारु बनी रहेगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक केएन चौधरी ने बताया कि बहुत जल्द जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा मुहैया होगी। इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है। कहा कि किडनी तथा अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के निदान के लिए जिला अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा से गरीब मरीज शोषण के शिकार से बचेंगे। इसके जगह का निर्धारण कर शासन को सूचित कर दिया गया है।
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