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गैंगेस्टर के विरोध में बंद रहा जंगीपुर बाजार
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:24 PM IST
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जंगीपुर कांड में जिला जेल में बंद निर्दोष लोगों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को जंगीपुर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। इस मौके पर जंगीपुर मंडी परिसर में आयोजित बैठक में व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि गैंगेस्टर की कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो अनिश्चितकालीन बंदी करने के लिए बाध्य होंगे।
व्यापारियों ने कहा कि जंगीपुर में बिजली सहित अन्य समस्याओं को लेकर लावा मोड़ पर छात्रनेता विवेकानंद पांडेय और प्रो. ओमप्रकाश सिंह समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे थे। तीन दिनों तक अनशनकारियों से वार्ता करने के लिए शासन-प्रशासन के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। 15 अगस्त को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे और जबरदस्ती अनशन समाप्त कराने का दबाव बनाने लगे।
अनशन न समाप्त करने पर पुलिस ने अनशनकारियों सहित आम जनता पर लाठियां बरसाते हुए छात्र नेता और प्रोफेसर सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अलग-अलग थाना में छात्र नेता और प्रोफेसर की बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बैठक में व्यापारियों ने आवाज उठाई की घटना के दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को बर्खास्त तक उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए। चेताया कि यदि जंगीपुर कांड में निर्दोष लोगों पर से गैंगेस्टर की कार्रवाई अविलंब वापस लिए जाने के बाद ही अनिश्चितकालीन बंदी खत्म होगी।
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मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम एके सिंह और सीओ वेदप्रकाश सिंह ने व्यापारियों से वार्ता की। व्यापारियों को समझाया कि वह अनिश्चितकालीन बंदी न करें, लेकिन व्यापारी मांगों को लेकर अपनी जिद पर अड़े रहे। इस पर अधिकारियों को वहां से लौटना पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से अच्छेलाल यादव, विनोद कुमार, रविशंकर, महात्मा जी, प्रमोद, पवनसुत, भरत गुप्ता, भरत पाल, रानू सिंह, बलवंत यादव, सुधीर गुप्ता, कन्हैया, गोविंद, इमामवली, पप्पू कश्यप, राजेंद्र पाल, अमरनाथ, बैजू गुप्ता, जयराम गुप्ता, असलम सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद थे।
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व्यापारियों ने कहा कि जंगीपुर में बिजली सहित अन्य समस्याओं को लेकर लावा मोड़ पर छात्रनेता विवेकानंद पांडेय और प्रो. ओमप्रकाश सिंह समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे थे। तीन दिनों तक अनशनकारियों से वार्ता करने के लिए शासन-प्रशासन के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। 15 अगस्त को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे और जबरदस्ती अनशन समाप्त कराने का दबाव बनाने लगे।
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अनशन न समाप्त करने पर पुलिस ने अनशनकारियों सहित आम जनता पर लाठियां बरसाते हुए छात्र नेता और प्रोफेसर सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अलग-अलग थाना में छात्र नेता और प्रोफेसर की बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बैठक में व्यापारियों ने आवाज उठाई की घटना के दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को बर्खास्त तक उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए। चेताया कि यदि जंगीपुर कांड में निर्दोष लोगों पर से गैंगेस्टर की कार्रवाई अविलंब वापस लिए जाने के बाद ही अनिश्चितकालीन बंदी खत्म होगी।
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मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम एके सिंह और सीओ वेदप्रकाश सिंह ने व्यापारियों से वार्ता की। व्यापारियों को समझाया कि वह अनिश्चितकालीन बंदी न करें, लेकिन व्यापारी मांगों को लेकर अपनी जिद पर अड़े रहे। इस पर अधिकारियों को वहां से लौटना पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से अच्छेलाल यादव, विनोद कुमार, रविशंकर, महात्मा जी, प्रमोद, पवनसुत, भरत गुप्ता, भरत पाल, रानू सिंह, बलवंत यादव, सुधीर गुप्ता, कन्हैया, गोविंद, इमामवली, पप्पू कश्यप, राजेंद्र पाल, अमरनाथ, बैजू गुप्ता, जयराम गुप्ता, असलम सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद थे।