फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Ganga receded but havoc raged, flood water entered seven villages

Ghazipur News: गंगा घटी लेकिन उफनाई कर्मनाशा, सात गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Sat, 21 Sep 2024 03:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 03:25 AM IST
विज्ञापन
Ganga receded but havoc raged, flood water entered seven villages
गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में लगातार घटाव जारी है लेकिन, कर्मनाशा नदी उफनाई हुई है। इससे जमानिया तहसील क्षेत्र के सात गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। लगभग 800 बीघा धान, सब्जी तथा चरी की फसल जलमग्न हो चुकी है। जमानिया क्षेत्र में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इसलिए इसको धान का कटोरा कहा जाता है। कर्मनाशा के पानी से सबसे अधिक नुकसान धान की खेती को हुआ है।
विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। शुक्रवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.340 व शाम चार बजे 63.200 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे के अंदर गंगा का जलस्तर 24 सेमी घटा है। कर्मनाशा नदी के बाढ़ का पानी जमानिया क्षेत्र के गायघाट, धुस्का, डेवढ़ी, रेहुणा, जबुरना व केसरुआ गांव में प्रवेश कर चुका हैं। इससे इन गांवों की पांच हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। जमानिया : बीते बुधवार की दोपहर से ही कर्मनाशा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाके में स्थित जबुरना, घरोहिया, रोहुणा आदि गांवों के खेत जलमग्न हो चुके हैं। गायघाट का संपर्क मार्ग जलमग्न है। पशु पालक मवेशियों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर लेकर चले गए हैं। धुस्का गांव में मुसहर बस्ती सहित नदी किनारे मल्लाह बस्ती पूरी तरह से बाढ़ के चपेट में है। प्रभावित लोग अपने घर-गृहस्थी का सामान व पशुओं को लेकर प्राथमिक विद्यालय पर शरण लिए हुए है। तहसील क्षेत्र में प्रशासन की ओर से कुल 14 नावों की व्यवस्था कराई गई। कर्मनाशा नदी के बाढ़ से प्रभावित गांवों में पांच व गंगा के बाढ़ से प्रभावित नौ स्थानों पर नाव का संचालन किया जा रहा है। एसडीएम अभिषेक कुमार की मौजूदगी में बाढ़ पीड़ितों को राशन बांटा गया। जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मून्नू सिंह ने बाढ़ प्रभावित कसेरुवा, धुस्का, गायघाट आदि गांवों का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए।
विज्ञापन


12 बीघा भूमि गंगा में समाई
भांवरकोल। क्षेत्र के शेरपुर के मुबारकपुर मौजा से लेकर गहमर सिवान तक कटान जारी है। कटान के कारण 12 बीघा कृषि योग्य जमीन गंगा में समाहित हो गई। गंगा के घटने के साथ ही कटान तेज हो गया है। मुबारकपुर मौजे में 50 घर निषाद जाति के लोग निवास करते हैं। निषाद बस्ती से गंगा की दूरी वर्तमान में 200 मीटर है। कटान के कारण निषाद बस्ती पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घाटों की सीढि़यों पर पसरी मिट्टी
गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही नगर स्थित गंगा घाटों की सीढि़यां अब दिखाई देने लगी हैं। इससे पूर्व तक सीढि़यां गंगा में समाई थीं। अब सीढि़यां पर हर ओर मिट्टी ही मिट्टी दिखाई दे रही है। जैसे-जैसे गंगा का पानी सीढि़यों को छोड़ता चला जा रहा है, वैसे-वैसे मिट्टी भी पसरती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed