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Ghazipur News: चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रही गंगा
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गाजीपुर। गंगा, गोमती और कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 59.450 मीटर पर पहुंच गया। जबकि सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कन भी बढ़ने लगी है। तटवर्ती गांव के लोगों को हर साल की तरह अपने परिवार, जानवरों और गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों पर रहने की चिंता सताने लगी है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश से गंगा, गोमती और कर्मनाशा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव होने लगा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। हालांकि, नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से अभी नीचे है। लेकिन, जिस तरह से बढ़ रहा है उससे तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। क्योंकि गंगा का चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 65.220 मीटर है। मंगलवार को जलस्तर 59.450 मीटर पर पहुंच गया। शहर के श्मशान घाट की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है। यहीं स्थित पुल के पास कटान की स्थिति बनने लगी है। गोला घाट स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर के समीप पानी पहुंच गया है। कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने से कुतुबपुर, मगरखाई, भतौरा, दलपतपुर, सायर, देवल आदि गांव वाले चिंतित हैं। यहां के अधिकांश लोगों को बाढ़ की आशंका सता रही है। हर साल बाढ़ प्रभावित इन गांवों के लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंगा एवं कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जाती है। बाढ़ से वह भी प्रभावित होती है। कर्मनाशा का पानी मगरखाई और भतौरा संपर्क मार्ग को पार कर गया तो बाढ़ से और तबाही मचती है। इसे लेकर भी किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, दोनों नदियों का जलस्तर अभी काफी नीचे है लेकिन पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
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पहाड़ी इलाकों में बारिश से गंगा, गोमती और कर्मनाशा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव होने लगा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। हालांकि, नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से अभी नीचे है। लेकिन, जिस तरह से बढ़ रहा है उससे तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। क्योंकि गंगा का चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 65.220 मीटर है। मंगलवार को जलस्तर 59.450 मीटर पर पहुंच गया। शहर के श्मशान घाट की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है। यहीं स्थित पुल के पास कटान की स्थिति बनने लगी है। गोला घाट स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर के समीप पानी पहुंच गया है। कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने से कुतुबपुर, मगरखाई, भतौरा, दलपतपुर, सायर, देवल आदि गांव वाले चिंतित हैं। यहां के अधिकांश लोगों को बाढ़ की आशंका सता रही है। हर साल बाढ़ प्रभावित इन गांवों के लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंगा एवं कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जाती है। बाढ़ से वह भी प्रभावित होती है। कर्मनाशा का पानी मगरखाई और भतौरा संपर्क मार्ग को पार कर गया तो बाढ़ से और तबाही मचती है। इसे लेकर भी किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, दोनों नदियों का जलस्तर अभी काफी नीचे है लेकिन पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
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