{"_id":"647647edb62f4eae120c7634","slug":"ganga-dussehra-devotees-take-a-dip-of-faith-ghazipur-news-c-20-1-230453-2023-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा दशहरा: श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी .","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा दशहरा: श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी .
विज्ञापन
गंगा दशहरा: श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी सुबह होते ही घाटों पर उमड़ी भीड़
दान-पुण्य कर भक्तों ने पुण्य लाभ कमाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा दशहरा के मौके पर मंगलवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की और दान-पुण्य किया। बड़ी संख्या में स्नानार्थियों के पहुंचने से घाटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। कुछ घाटों पर गंदगी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गंगा दशहरा स्नान का काफी महत्व है। शहर के गंगा घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरु हो गया था। सात बजते-बजते बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंच गए थे। शहर के ददरीघाट, चीतनाथ, कलेक्टर घाट, बूढ़ा महादेवा घाट, नवापुरा आदि घाटों पर स्नान के लिए पूरे दिन स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही।
सबसे ज्यादा भीड़ ददरीघाट और चीतनाथ पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश श्रद्धालु इन्हीं गंगा घाटों पर पहुंचे थे। लोगों ने गंगा स्नान कर घाटों पर स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। गोते लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया।
विज्ञापन
भीड़ के कारण प्राय: सभी घाटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर भी गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर गंगा के घाट छोड़ने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्नान के लिए कई लोग निजी साधनों से आए थे। इस कारण घाटों के पास आवागमन में अवरोध भी उत्पन्न हुआ।
विज्ञापन
दान-पुण्य कर भक्तों ने पुण्य लाभ कमाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा दशहरा के मौके पर मंगलवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की और दान-पुण्य किया। बड़ी संख्या में स्नानार्थियों के पहुंचने से घाटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। कुछ घाटों पर गंदगी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गंगा दशहरा स्नान का काफी महत्व है। शहर के गंगा घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरु हो गया था। सात बजते-बजते बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंच गए थे। शहर के ददरीघाट, चीतनाथ, कलेक्टर घाट, बूढ़ा महादेवा घाट, नवापुरा आदि घाटों पर स्नान के लिए पूरे दिन स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा भीड़ ददरीघाट और चीतनाथ पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश श्रद्धालु इन्हीं गंगा घाटों पर पहुंचे थे। लोगों ने गंगा स्नान कर घाटों पर स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। गोते लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया।
विज्ञापन
भीड़ के कारण प्राय: सभी घाटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाटों पर भी गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर गंगा के घाट छोड़ने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्नान के लिए कई लोग निजी साधनों से आए थे। इस कारण घाटों के पास आवागमन में अवरोध भी उत्पन्न हुआ।