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Ghazipur News: गैंगरेप के अभियुक्तों को 20-20 वर्ष की सजा
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प्रत्येक पर 45- 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने बुधवार को नाबालिग पीड़िता के साथ गैंगरेप के अभियुक्तों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 45-45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि से पीड़िता को 75 प्रतिशत प्रतिकर के रूप में देने का आदेश न्यायालय ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार बिरनो थाना के एक गांव निवासी ने पुलिस को तहरीर दिया कि बीते सात अगस्त 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के ही उपेंद्र राजभर और मेवा लाल राजभर कहीं बहला फुसलाकर ले गए थे। परिवार के लोगों ने काफी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। दो दिन बाद उसकी पुत्री मिली और उसने सारी बात बताई।
वादी की सूचना पर बिरनो पुलिस ने आरोपी उपेंद्र राजभर और मेवा लाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
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दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की वह सुनने के बाद अदालत ने उपरोक्त फैसला सुनाते हुए दोनों को जेल भेज दिया।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने बुधवार को नाबालिग पीड़िता के साथ गैंगरेप के अभियुक्तों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 45-45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि से पीड़िता को 75 प्रतिशत प्रतिकर के रूप में देने का आदेश न्यायालय ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार बिरनो थाना के एक गांव निवासी ने पुलिस को तहरीर दिया कि बीते सात अगस्त 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के ही उपेंद्र राजभर और मेवा लाल राजभर कहीं बहला फुसलाकर ले गए थे। परिवार के लोगों ने काफी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। दो दिन बाद उसकी पुत्री मिली और उसने सारी बात बताई।
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वादी की सूचना पर बिरनो पुलिस ने आरोपी उपेंद्र राजभर और मेवा लाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
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दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की वह सुनने के बाद अदालत ने उपरोक्त फैसला सुनाते हुए दोनों को जेल भेज दिया।