गणेशोत्सव 2026: शिव की नगरी में कल से होगा गणपति बप्पा का महिमागान, पूजा पंडालों में विराजेंगी प्रतिमाएं
शिव की नगरी में कल से गणपति बप्पा का महिमागान होगा। पूजा पंडालों में प्रतिमाएं विराजेंगी। वहीं 12 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम रहेगी। कौन बनेगा करोड़पति आदि प्रतियोगिताएं होंगी।
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शिव की नगरी में 10 दिनों तक गणपति बप्पा का महिमागान होगा। सोमवार से 50 से अधिक पूजा पंडालों में कलश स्थापना के साथ विविध अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। 10 से अधिक पूजा पंडालों में पूजन के साथ विविध प्रतियोगिताएं होंगी। एक हजार से अधिक मराठी समाज के घरों में भी गणेश जी की पूजा होगी। शनिवार को पूजा पंडालों के निर्माण की तैयारी चलती रही।
श्रीकाशी मराठा गणेश उत्सव समिति का 18वां पांच दिवसीय श्रीगणेश उत्सव ठठेरी बाजार स्थित शेरवाली कोठी में मनाया जाएगा। समिति के अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी ने बताया कि मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति स्थापित कर मराठी पद्धति से पूजा होगी। छह फीट की प्रतिमा तथा पंडाल बाहुबली थीम पर बन रहा है। बताया कि भजन संध्या, फैंसी ड्रेस, नृत्य, चित्रकला, मेहंदी प्रतियोगिता के अलावा कौन बनेगा करोड़पति का भी शो होगा।
17 सितंबर को हल्दी-कुमकुम, वाल्मीकि ग्रुप की देवों की झांकी की प्रस्तुति और छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान होगा। अंतिम दिन 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे शोभायात्रा निकालकर प्रतिमा का विसर्जन होगा। शोभायात्रा में नासिक से 80 सदस्यीय दल की मोहक प्रस्तुति होगी।
शारदा भवन अगस्तकुंडा में गणेशोत्सव सोमवार से शुरू होगा। इस दौरान पूजन-अर्चन के साथ हास्य कवि सम्मेलन, साहित्य, व्याकरण, दर्शन, ज्योतिष विषयों में शलाका परीक्षा, व्याख्यान प्रतियोगिता, सम्मान समारोह, न्याय, व्याकरण व वेदांत विषय पर शास्त्रार्थ व विद्वत सभा, संगीत संध्या का आयोजन होगा। अंतिम दिन 18 अगस्त को शोभायात्रा निकाली जाएगी।
श्रीकाशी गणेशोत्सव कमेटी का सात दिवसीय गणेशोत्सव ब्रह्माघाट पर मनाया जाएगा। अध्यक्ष सुनील चितल्ले ने बताया कि कलश स्थापना के बाद विविध अनुष्ठान होंगे। विविध प्रतियोगिताओं के अलावा बच्चे मराठी व हिंदी में पद्यगान करेंगे। संगीत सम्मेलन और हरियाली शृंगार होगा। अंतिम दिन 20 सितंबर को महानैवेद्य भोग के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी।
श्रीगणेशोत्सव सेवा समिति की ओर से राधा कृष्ण मंदिर, दशाश्वमेध में 12 दिवसीय गणेशोत्सव में सिद्धि विनायक जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा होगी। पहली बार सिद्धि विनायक की पूजा होगी। इस दौरान पूजन, वेद घोष, विद्वत सभा, शृंगार, प्रतियोगिताएं, संगीत सम्मेलन, हल्दी-रोली, महानैवेद्य अर्पण आदि आयोजन होंगे। इसके अलावा दुर्गाघाट, रामघाट, मछोदरी आदि इलाकों में भी गणेशोत्सव का आयोजन होगा।
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पेशवा परिवार का गणेशोत्सव कलश स्थापना से शुरू
पेशवा परिवार की गणेश पूजा शनिवार को रामघाट स्थित अमृत विनायक मूंगा गणेश मंदिर में शुरू हुई। सुबह कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू हो गई। गणेश मंदिर एवं अन्नपूर्णा क्षेत्र एंडामेंट ट्रस्ट के प्रबंधक पं. किशन राम डोहकर ने बताया कि वैदिक विद्वानों ने कलश स्थापना कर पूजन-अर्चन किया। 14 सितंबर को भगवान गणेश जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भजन संध्या में दिल्ली की वृंदा गुजराती का गायन व डॉ. संजय वर्मा का गिटार वादन होगा। उन्होंने बताया कि रविवार को पूजा में पेशवा परिवार के पुष्कर पेशवा शामिल होंगे।