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स्वतंत्रता सेनानी की मौत
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 18 Apr 2015 11:29 PM IST
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करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ढोढ़ाढीह रेलवे स्टेशन पूर्वी गेट के पास शनिवार की सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। घटना की खबर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
ढोढ़ाडीह गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकिशोर राजभर (90) शनिवार की सुबह घर से किसी कार्य के लिए निकले थे। इसी दौरान करीब 6 बजे ढोढ़ाडीह रेलवे स्टेशन के पूर्वी गेट के पास वाराणसी से बलिया की तरफ से जा रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। लोगों ने मृतक को पहचान लिया और इसकी सूचना तत्काल उनके घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग दौड़ पड़े।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस घटना से जहां मृतक के घर कोहराम मच गया, वहीं गांववासियों में शोक की चादर तन गई। राजकिशोर के परिवार का भरण-पोशण उनके पेंशन के पैसे के सहारे होता था। उनके चार पुत्र हैं। वह छोटे पुत्र विश्वनाथ और उसके परिवार के साथ यहां रहते थे। चार वर्ष पत्नी समेसरी देवी का निधन हो गया था। मृतक के दरवाजे पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था।
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ढोढ़ाडीह गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकिशोर राजभर (90) शनिवार की सुबह घर से किसी कार्य के लिए निकले थे। इसी दौरान करीब 6 बजे ढोढ़ाडीह रेलवे स्टेशन के पूर्वी गेट के पास वाराणसी से बलिया की तरफ से जा रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। लोगों ने मृतक को पहचान लिया और इसकी सूचना तत्काल उनके घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग दौड़ पड़े।
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पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस घटना से जहां मृतक के घर कोहराम मच गया, वहीं गांववासियों में शोक की चादर तन गई। राजकिशोर के परिवार का भरण-पोशण उनके पेंशन के पैसे के सहारे होता था। उनके चार पुत्र हैं। वह छोटे पुत्र विश्वनाथ और उसके परिवार के साथ यहां रहते थे। चार वर्ष पत्नी समेसरी देवी का निधन हो गया था। मृतक के दरवाजे पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था।
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