जमानिया। लगातार बारिश और चंदौली स्थित डैम से अधिक पानी छोड़े जाने से अचानक कर्मनाशा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इससे क्षेत्र के तटवर्ती गांव गायघाट, धुस्का, रोहुणा, धिनपुरा, तियरी, जबुरना, केसरुआ, करमहरी सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। वहीं देवढी गांव का निचला हिस्सा भी प्रभावित हो गया है। बाढ़ से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गायघाट के पशुपालक गांव छोड़कर संपर्क मार्ग पर अपने मवेशियों के साथ डेरा जमाने को विवश हैं, जबकि धुस्का के निचले इलाकों के लोग प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में शरण लिए हुए हैं। दूसरी बार आई बाढ़ से फसलों के जलमग्न हो जाने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है और उनके माथे पर साफ लकीरें देखी जा सकती हैं। चंदौली के पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते डैम के आठ फाटक खोल दिए गए। इससे शनिवार की रात से ही नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया था और रविवार सुबह तक कई गांव इसकी चपेट में आ गए। अचानक आई बाढ़ ने ग्रामीणों की परेशानी दोगुनी कर दी। लोग अपने पशुओं और सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे रहे। रविवार दोपहर क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने राजस्व कर्मियों संग गायघाट और आसपास के तटवर्ती गांवों का निरीक्षण कर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नाव की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आदेश दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दैवीय आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन हर संभव मदद और राहत कार्य के लिए तत्पर है।