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उदंती नदी और टोंस ने मचाई तबाही, सैकडों बीघा खेत जलमग्न

Tue, 29 Sep 2020 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 11:12 PM IST
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मुहम्मदाबाद तहसील के गोसलपुर से असवार तक 12 किलो मीटर में फैला टोंस नदी का पानी। सैकड़ों एकड़ फसल ब - फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। पूरे पूर्वांचल में चार दिनों तक लगातार बारिश से परेशान रहे किसानों को मौसम खुलने से थोड़ी राहत मिली थी। इसी बीच उदंती और टोंस नदी में आई अचानक बाढ़ ने उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उदंती नदी से जहां बहरियाबाद इलाके में सैकड़ों एकड़ धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं, वहीं मुहम्मदाबाद तहसील के सैकड़ों बीघा धान आदि की खेती तहस-नहस हो चुकी है। बारिश का पानी पहले से ही खेतों में जमा था। अब बाढ़ से किसान परेशान हैं। बहरियाबाद : उदंती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से किसान परेशान हैं और बाढ़ के पानी से निजात पाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटे थे। बाढ़ में सैकड़ों बीघा फसल अभी भी डूबी है। आलम यह है कि कई जगह पानी भरने से खेत का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। बाढ़ के पानी के चलते कबीरपुर, चकफरीद, भरतपुर, भवरूपुर, चकसदर, आसपुर, उनरापुरा, झगियां, हरतरा गांव, डोरा, मजुई समेत कई गांव इससे अधिक प्रभावित हैं। यहां के सैकड़ों किसानों के सपने चूर-चूर हो गए हैं। खेती से होने वाले मुनाफा एवं घर का भोजन दोनों की उम्मीद टूट गई है। ताजपुर डेहमा संवाददाता के मुताबिक टोंस नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती किसान परेशान हैं। लगभग 12 किमी तक खेतों में केवल पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बड़ी मेहनत कर किसानों ने फसल को किसी तरह से तैयार तो किया था लेकिन जब काटने का समय आया, तो नदी की बाढ़ ने उसे डुबो दिया है। इलाके के गोसलपुर, कुशहॉ, गड़ार पाह पट्टी, असवार आदि की लगभग 50 बीघा तक की फसल बाढ़ के पानी में समा गई है। क्षेत्र के किसान राजा शुक्ला, रामजी पांडेय, रामायन यादव, केदार, सुरेश, मोती, लल्लन सिंह, जयनाथ, मुरली, मुन्ना राय, गुलजार आदि की फसल बर्बाद हो रही है। फसल को देख किसान असहाय हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पशु चारा को लेकर हो रही है। किसानों को उम्मीद है कि बाढ़ का पानी कम हो जाए तो उनकी फसल कुछ बच सकती है। उधर टोंस नदी का प्रभाव अन्य इलाकों में भी पड़ने लगा है जिससे अब तक सैकड़ों बीघा फसल डूब चुकी है।
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