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चिकन पॉक्स के पांच मरीज मिले, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो/गाजीपुर
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:31 PM IST
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शहर में चिकन पॉक्स के पांच मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग की रैपिड एक्शन टीम शनिवार को अपर मुुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिन्हा के नेतृत्व में सुजावलपुर के मलिन बस्ती में संक्रामक रोग से पीड़ित इम्तियाज (25 वर्ष), बानो (16 वर्ष), शाजिद (9 वर्ष) और बड़ीबाग कॉलोनी स्थित अतीक (12वर्ष), आफताब (30 वर्ष) के स्वास्थ्य की जांच करते हुए दवा का वितरण किया। साथ ही टीम के सदस्यों ने अन्य रोगों से पीड़ित 10 मरीजों की जांच कर दवा देने का काम किया।
विभाग की जांच टीम ने सभी पीड़ित मरीजों की गहनता पूर्वक जांच करने के बाद संबंधित रिपोर्ट तैयार किया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि यह रोग वैरिसैला वायरस के कारण होता है। यह वायरस गंदगी के कारण पैदा होती है। सुजावलपुर के मलिन बस्ती और कांशीराम आवास में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से दुर्गंध आ रही है। इसके चलते संक्रामक रोग फैलने का ज्यादा खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि टीम की ओर से पीड़ित पांच मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ उनको दवा वितरित की गई। साथ ही संबंधित एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह तक चिकन पॉक्स से पीड़ित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मलिन बस्ती और कांशीराम आवास में कैंप लगाकर गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने के साथ-साथ स्वास्थ्य की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। जांच टीम में डॉ. एसके मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, अशोक राय, अनिल कुशवाहा, विरेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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विभाग की जांच टीम ने सभी पीड़ित मरीजों की गहनता पूर्वक जांच करने के बाद संबंधित रिपोर्ट तैयार किया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि यह रोग वैरिसैला वायरस के कारण होता है। यह वायरस गंदगी के कारण पैदा होती है। सुजावलपुर के मलिन बस्ती और कांशीराम आवास में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
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नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से दुर्गंध आ रही है। इसके चलते संक्रामक रोग फैलने का ज्यादा खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि टीम की ओर से पीड़ित पांच मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ उनको दवा वितरित की गई। साथ ही संबंधित एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह तक चिकन पॉक्स से पीड़ित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मलिन बस्ती और कांशीराम आवास में कैंप लगाकर गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने के साथ-साथ स्वास्थ्य की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। जांच टीम में डॉ. एसके मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, अशोक राय, अनिल कुशवाहा, विरेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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