फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Farmers breaking due to flood

बाढ़ की मार से टूट रहे पेशगी काश्तकार

Mon, 22 Aug 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
Farmers breaking due to flood
जीवनदायनी गंगा रेवतीपुर क्षेत्र के खेतिहरों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। इस क्षेत्र में 2016, 2019 और 2021 में बाढ़ की त्रासदी से किसान बेदम हो चुके हैं। इस साल भी नदरीलपुर, हसनपुरा, वीरउपुर, नसीरपुर में गंगा का पानी खेतों में भर गया। जिससे किसानों के खेती में लगाए गए हजारों और लाखों रुपये पानी में बह गए। इस क्षेत्र के किसान हर साल बाढ़ से सबसे अधिक जूझते हैं। बावजूद इसके भगवान पर भरोसा कर सैकड़ों बीघा सब्जी, केला, मिर्च और टमाटर की खेती करते हैं। जिस बरस भी गंगा उफान पर होती हैं उनकी कमर तोड़ देती हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों को संकट से उबारने में शासन-प्रशासन का प्रयास भी ना के बराबर है।
विज्ञापन

नगदिलपुर के विजय कुमार तिवारी का कहना है कि पिछले साल भी हमने परवल की खेती की थी। लेकिन बाढ़ में सब डूब गया था। इस बार भी हमने दो बीघा परवल की खेती की था और पूरा खेत डूब गया है। अभी तक पिछले साल का भी मुआवजा नहीं मिला। इसी गांव के विपिन यादव का कहना है कि हर साल पेशगी पर लेकर खेती करते हैं। पिछले साल भी हमने 20 बीघा खेत पेशगी पर किया था। लेकिन बाढ़ ने बर्बाद कर दिया। इस बार भी हमने पांच बीघा परवल की खेती किया था। जो पानी में डूब गया है। अब परिवार के लोग एकदम टूट चूके है।
विज्ञापन

हसनपुरा के रामप्रवेश का कहना है कि बाढ़ से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बार हमने दो बीघा परवल बोया था, जो डूब गया है। अभी मिर्चा और टमाटर बोने की तैयारी में थे लेकिन पानी आ जाने की वजह से अब खेती में लेट हो जाएगा। वहीं हसनपुरा के ही राजेश यादव का ने बताया कि बाढ़ आ जाने की वजह से सबसे अधिक समस्या पशुओं को लेकर हो रही है। हम लोगों ने खेत में चारा बोया था लेकिन वह भी डूब गया। अब हम खेत में टमाटर बोने की तैयारी में थे, लेकिन पानी आ जाने की वजह से अब दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही गंगा, बाढ़ का खतरा टला
गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में सोमवार को दो सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से घटाव दर्ज किया गया। शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 62.590 मीटर रहा। जो गंगा के चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर से करीब एक मीटर ऊपर है। दिन भर गंगा के जलस्तर में घटाव होने से तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। जनपद में अब बाढ़ का खतरा टलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं, सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 62.670 मीटर, दोपहर 12 बजे तक 62.670 मीटर, दो बजे तक 62.630 मीटर और शाम चार बजे 62.590 मीटर दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed