{"_id":"624f2489ad89b85815439168","slug":"facility-of-panch-and-ksharkarma-now-in-the-district-ayurvedic-hospital-will-be-built-ghazipur-news-vns6471515152","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंच व क्षारकर्म की सुविधा अब जिले में, बनेगा आयुर्वेदिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंच व क्षारकर्म की सुविधा अब जिले में, बनेगा आयुर्वेदिक अस्पताल
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गाजीपुर। जिले में जल्द ही 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल बनेगा। इसके लिए नगर के आस-पास जल्द ही भूमि चिह्नित किए जाने की कवायद शुरू होगी। करीब एक एकड़ में बनने वाले अस्पताल में एक छत के ही नीचे आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथ पद्धति की चिकित्सा मिलेगी। इस अस्पताल की सबसे प्रमुख विशेषता पंचकर्म और क्षारकर्म चिकित्सा होगी, जिससे विभिन्न बीमारियों का आयुर्वेद विद्या से बेहतर उपचार होगा।
जड़ी-बूटियों, योग की दशकों पुरानी चिकित्सकीय पद्धति से आमजन को लाभान्वित करने और बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने के लिए जिले के विभिन्न जगहों पर स्थापित इन अस्पतालों को जहां सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं चार शैय्यायुक्त राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित कराया जा रहा है। ऐसे में नगर के आठ किलो मीटर के दायरे में 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित कराने की कवायद तेज कर दी गई है। हालांकि एक एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल के लिए अब तक भूमि चिन्हित नहीं हो सकी है। ऐसे में क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी ने भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है, जिससे अस्पताल का निर्माण कराया जा सके। इसके स्थापित होने से जहां आयुर्वेद की विशेष चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मरीजों को मिलेगा, वहीं मरीजों के गंभीर होने पर अन्यत्र आयुर्वेदिक अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा।
चिकित्सक और फार्मासिस्ट की होगी तैनाती
गाजीपुर। नगर के आस-पास आठ किलोमीटर के दायरे में बनने वाले 50 बेड के अस्पताल में आयुर्वेद के तीन चिकित्सकों की तैनाती होगी। इसके साथ ही पांच से छह और चिकित्सक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा दो फार्मासिस्ट, तीन एएनएम और अन्य कर्मी भी तैनात होंगे। साथ ही आयुर्वेद की बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं से इस अस्पताल को लैस किया जाएगा। एक सीएमएस की भी नियुक्ति होगी।
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आठ स्थापित हो रहे राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल
गाजीपुर। जिले में आठ जगहों पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित कराए जाएंगे। इसके लिए नौली, रेवतीपुर, सुहवल, विक्रमपुर, नारी पचदेवरा, बुढ़नपुर, दिलदारनगर, खासिसपुर में जमीन चिन्हित करने के साथ कार्य शुरू कर दिया गया। प्रत्येक चिकित्सालयों का निर्माण 29 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि से होगी। इन जगहों पर अस्पताल निर्माण को लेकर नींव खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। भुंवरपुर, फुलवारी खुर्द और मैनपुर में बन रहे अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य अंतिम स्थिति में पहुंच गया है।
नगर के आठ किलोमीटर के एरिया में 50 बेड का जिला आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित होगा। करीब एक एकड़ में स्थापित होने वाले इस अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य जल्द शुरू होगा। भूमि के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात भी की गई। भूमि मिलते ही निर्माण कार्य की कवायद शुरू हो जाएगी- डा. आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी।
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जड़ी-बूटियों, योग की दशकों पुरानी चिकित्सकीय पद्धति से आमजन को लाभान्वित करने और बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने के लिए जिले के विभिन्न जगहों पर स्थापित इन अस्पतालों को जहां सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं चार शैय्यायुक्त राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित कराया जा रहा है। ऐसे में नगर के आठ किलो मीटर के दायरे में 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित कराने की कवायद तेज कर दी गई है। हालांकि एक एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल के लिए अब तक भूमि चिन्हित नहीं हो सकी है। ऐसे में क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी ने भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है, जिससे अस्पताल का निर्माण कराया जा सके। इसके स्थापित होने से जहां आयुर्वेद की विशेष चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मरीजों को मिलेगा, वहीं मरीजों के गंभीर होने पर अन्यत्र आयुर्वेदिक अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा।
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चिकित्सक और फार्मासिस्ट की होगी तैनाती
गाजीपुर। नगर के आस-पास आठ किलोमीटर के दायरे में बनने वाले 50 बेड के अस्पताल में आयुर्वेद के तीन चिकित्सकों की तैनाती होगी। इसके साथ ही पांच से छह और चिकित्सक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा दो फार्मासिस्ट, तीन एएनएम और अन्य कर्मी भी तैनात होंगे। साथ ही आयुर्वेद की बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं से इस अस्पताल को लैस किया जाएगा। एक सीएमएस की भी नियुक्ति होगी।
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आठ स्थापित हो रहे राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल
गाजीपुर। जिले में आठ जगहों पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित कराए जाएंगे। इसके लिए नौली, रेवतीपुर, सुहवल, विक्रमपुर, नारी पचदेवरा, बुढ़नपुर, दिलदारनगर, खासिसपुर में जमीन चिन्हित करने के साथ कार्य शुरू कर दिया गया। प्रत्येक चिकित्सालयों का निर्माण 29 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि से होगी। इन जगहों पर अस्पताल निर्माण को लेकर नींव खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। भुंवरपुर, फुलवारी खुर्द और मैनपुर में बन रहे अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य अंतिम स्थिति में पहुंच गया है।
नगर के आठ किलोमीटर के एरिया में 50 बेड का जिला आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित होगा। करीब एक एकड़ में स्थापित होने वाले इस अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य जल्द शुरू होगा। भूमि के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात भी की गई। भूमि मिलते ही निर्माण कार्य की कवायद शुरू हो जाएगी- डा. आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी।