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Ghazipur News: प्रताड़ना को लेकर जताया आक्रोश, न्यायिक कार्य से रहे विरत
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कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को स्व. रामकरन दादा स्मृति हाल में हुई। इस दौरान प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और अधिवक्ताओं की आए दिन हो रही हत्या एवं प्रताड़ना को लेकर चर्चा की गई। राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र अतिरिक्त एसडीएम चंद्रशेखर यादव को सौंपा गया। वहीं पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह ने पत्रक के माध्यम से कहा कि सुल्तानपुर के अधिवक्ता मुहम्मद आजाद अहमद और अलीगढ़ के अधिवक्ता मुहम्मद अब्दुल मुगीस की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रतापगढ़, जौनपुर और गाजीपुर के अधिवक्ता समीक्षा प्रसाद एवं अभय यादव आदि अधिवक्ताओं के साथ उत्पीड़न की गंभीर घटनाएं घटित हुई हैं। मांग किया कि अधिवक्ताओं की हत्या एवं उत्पीड़न के लिए जिम्मेदारों की तत्काल गिरफ्तारी एवं सख्त कार्रवाई हाेनी चाहिए थी, जो अभी तक नहीं हुई। इससे पूरे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है, जो कभी भी उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है। महासचिव मदन सिंह कुशवाहा ने कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन अधिनियम लागू किया जाए। साथ ही नए अधिवक्ताओं को पांच वर्ष तक दस हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए। इसके अलावा वकालत के लिए अधिवक्ताओं के लिए चेंबर उपलब्ध कराया जाए। वहीं 25 वर्ष वकालत और 70 साल की आयु पूर्ण करने वालों को पेंशन दी जाए। अधिवक्ता कल्याण निधि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए। अदालतों में अवैधानिक आदेशों की जबाबदेही तय की जाए। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद अली, उपाध्यक्ष मीता सिंह, प्रवेश कुमार, संतोष कुमार मौर्य, कोषाध्यक्ष ऋषिदेव पांडेय आदि मौजूद रहे। जमानिया: तहसील में सोमवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की आवश्यक बैठक हुई। इसमें अधिवक्ताओं की हत्या एवं प्रताड़ना को लेकर चर्चा की गई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोरख नाथ सिंह यादव ने देवरिया और सुल्तानपुर सहित अन्य जिलों में हुई अधिवक्ता की हत्या और प्रताड़ना को लेकर चर्चा की और कहा कि अधिवक्ताओं के विरुद्ध लगातार अपराध हो रहे हैं, जिसकी रोकथाम के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। इसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए एसडीएम के पास पहुंचे और मांग से संबंधित पत्रक उपजिलाधिकारी हर्षिता तिवारी को सौंपा। इस अवसर पर सचिव अशोक कुमार सिंह‚ उदय नरायन सिंह‚ राजेश गुप्ता‚ सुरेंद्र प्रसाद‚ बजरंगी यादव‚ कमल कांत राय‚ सुनील यादव आदि मौजूद रहे।
सीएम को संबोधित पत्रक एसडीएम को सौंपा, बांधी काली पट्टी
गाजीपुर। अधिवक्ताओं पर हमले और हत्या की वारदात बढ़ रही हैं। सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है और न ही एफआईआर भी दर्ज हो पाती है। बल्कि शासन-प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं को ही प्रताड़ित किया जाता है। उक्त बातें सिविल बार अध्यक्ष सुधाकर राय ने दिए गए पत्रक में कही। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्यवाही नहीं किए जाने से अधिवक्ताओं का आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है। आपराधिक घटनाओं को देखते हुए प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। सिविल बार संघ गाजीपुर के अधिवक्ताओं ने उक्त कृत्यों का घोर विरोध करते हुए काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर महासचिव रतन जी श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, राजेश राय आदि मौजूद रहे।
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सीएम को संबोधित पत्रक एसडीएम को सौंपा, बांधी काली पट्टी
गाजीपुर। अधिवक्ताओं पर हमले और हत्या की वारदात बढ़ रही हैं। सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है और न ही एफआईआर भी दर्ज हो पाती है। बल्कि शासन-प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं को ही प्रताड़ित किया जाता है। उक्त बातें सिविल बार अध्यक्ष सुधाकर राय ने दिए गए पत्रक में कही। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्यवाही नहीं किए जाने से अधिवक्ताओं का आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है। आपराधिक घटनाओं को देखते हुए प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। सिविल बार संघ गाजीपुर के अधिवक्ताओं ने उक्त कृत्यों का घोर विरोध करते हुए काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर महासचिव रतन जी श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, राजेश राय आदि मौजूद रहे।
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