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Ghazipur News: 6 वर्ष बाद भी 633 किसानों का बकायादार है रेलवे

Sat, 05 Aug 2023 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Aug 2023 12:35 AM IST
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Even after 6 years, 633 farmers have outstanding dues from Railways
ताडीघाट मऊ रेल परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन के 14.37 करोड़ हैं बकाया
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जबकि किसानों की अधिग्रहित जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है
-भुगतान के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे किसान,
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवतीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ताडीघाट मऊ रेल परियोजना के तहत करीब छह साल बाद भी अभी तक 633 किसानों की अधिग्रहित 3.9536 हेक्टेयर जमीन का आज तक 14 करोड़ 37 लाख 1379 रुपये का भुगतान रेलवे की ओर से नहीं किया जा सका है। जबकि किसानों की अधिग्रहित जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। ऐसे में किसान धनराशि के भुगतान के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
14 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसके पहले रेलवे द्वारा दो तहसीलों जमानियां व सदर के कुल 17 गावों के 3119 किसानों की 35.6914 हेक्टेयर अधिग्रहित की। इनमें से 2486 किसानों के 31.7378 हेक्टेयर जमीन का 2 अरब 8 करोड़ 95 लाख 26 हजार 121 रुपये का भुगतान किया है।
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इसके अतिरिक्त रेलवे की ओर से परियोजना के दायरे में आ रही 3.888 हेक्टेयर सरकारी जमीन का भी अधिग्रहण किया गया है। वहीं, 633 किसानों का अधिग्रहित 3.9536 हेक्टेयर का आज तक 14 करोड़ 37 लाख 1379 रुपये का भुगतान रेलवे की ओर से नहीं किया जा सका है। ऐसे में प्रभावित किसानों ने बताया कि उनकी जमीन काफी पहले ही अधिग्रहित कर ली गई, मगर अभी तक रेलवे के द्वारा भुगतान को लेकर हीलाहवाली बरती जा रही है।
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बताया कि धनराशि न मिलने से वह अपने परिवार के साथ विपरीत परिस्थितियों में किसी तरह रहने को मजबूर हैं। इसे लेकर पूर्व में रेलवे के अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार केवल जल्द भुगतान की बात कह उन्हें वापस कर दे रहे हैं। इस संबंध में आरवीएनएल के परियोजना निदेशक जीवेश ठाकुर ने बताया कि जिन किसान का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है,उनका मामला आर्बिटेशन में चल रहा,उसका निस्तारण होते ही उनके खातों में जरूरी धनराशि भेंज दी जाएगी।
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