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लक्ष्य से ज्यादा नामांकन, पर किताबों के लिए नहीं किया जतन
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पहली अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। परिषदीय विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन कराने के लिए स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों का दाखिला भी कराया जा रहा है। इसके तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक नवीन बच्चों का नामांकन किया गया है। यह कवायद तो जारी है लेकिन विद्यार्थियों को अभी तक नि:शुल्क किताबें नहीं बांटी जा सकी है। ऐसे में बच्चे नए सत्र में भी पुरानी किताबों से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए शासन की तरफ से तमाम जतन किए जा रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के साथ ही उनके ठहराव के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं में से एक है नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित करने की योजना। जिले में वर्तमान में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे नामांकित हैं। इन बच्चों को हर वर्ष नि:शुल्क किताबें वितरित की जाती है। इस बार भी इनका वितरण किया जाना है लेकिन नए सत्र का एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल सकी है। इनके जल्द मिल पाने की उम्मीद भी कम ही नजर आ रही है। इसके पीछे किताबें अभी न मिल पाने को कारण बताया जा रहा है। मौधा संवाददाता के अनुसार सैदपुर खंड शिक्षा क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों की कुल संख्या 222 है। इसमें 158 प्राथमिक, 22 पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 43 है। इन विद्यालयों के बच्चों को नई किताबें अभी तक नहीं मिल सकी है। इस कारण बच्चों को पुरानी किताबों से काम चलाना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि किताबें न मिलने के कारण बच्चे स्कूल में भी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें स्कूल के अलावा घर में भी पूरा समय खाली बैठकर निकालना पड़ रहा है। कुछ अभिभावकों को यह चिंता भी सता रही है कि अगर कोर्स में बदलाव किया गया तो बच्चों का यह एक माह भी बर्बाद हो जाएगा।
जब तक नई किताबें नहीं आ जाती हैं तब तक पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करवाई जा रही है। पुस्तकें उपलब्ध होते ही उनका जल्द से जल्द बच्चों में वितरण कराया जाएगा। पुस्तक वितरण करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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जब तक नई किताबें नहीं आ जाती हैं तब तक पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करवाई जा रही है। पुस्तकें उपलब्ध होते ही उनका जल्द से जल्द बच्चों में वितरण कराया जाएगा। पुस्तक वितरण करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी