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Ghazipur News: आपातकक्ष बनेगा आईसीयू लगेंगे अत्याधुनिक 8 बेड्
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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज का आपातकक्ष आईसीयू में तब्दील हो जाएगा। यहां अत्याधुनिक 8 बेड लगाए जाएंगे। प्रत्येक बेड के पास ऑक्सीजन पाइप लाइन के साथ मॉनीटर भी लगे रहेंगे। पल्स, हृदय गति और रक्तचाप बताने के लिए अत्याधुनिक मशीन भी लगेगी, जिससे मरीज के स्थिति की पल- पल जानकारी मिल सकेगी। पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। सभागार में बेड की संख्या बढ़ेगी, वहीं नए आपातकक्ष का शुभारंभ भी होगा।
मरीजों आपातकालीन कक्ष में ही जीवन रक्षक दवाइयों के साथ चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करने को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाया जा रहा है। 200 बेड के पुरुष अस्पताल में संचालित करीब पांच बेड के आपातकक्ष को अत्याधुनिक बेड व चिकित्सकीय उपकरणों से लैस करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आठ बेड के आईसीयू स्थापित होने से दुर्घटना में घायल और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को आपातकक्ष से तत्काल आईसीयू लाया जाएगा।
यहां मरीज की पूरी स्थिति को समझने के साथ चिकित्सक द्वारा उपचार मुहैया कराया जा सकेगा। राहत मिलने के बाद मरीज को विभिन्न वार्डों में भर्ती करने का काम होगा। यहीं नहीं सभागार में बेड लगाकर उसे पूर्ण रूप से आपातकक्ष में तब्दील कर दिया जाएगा। साथ ही दस बेड के नए आपातकक्ष की भी शुरुआत कर दी जाएगी।
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मरीज के साथ तीमारदार ही रहेंगे कक्ष में
आपातकक्ष में उपचार के लिए प्रतिदिन जनपद एवं गैर जिले के साथ प्रांत से 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में आपातकक्ष में मरीजों के साथ तीन से चार तीमारदारों के पहुंच जाने से चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्राचार्य ने सख्त हिदायत दी है कि आपातकक्ष में एक मरीज के साथ मात्र एक ही तीमारदार मौजूद रहेंगे।
आठ बेड का आईसीयू स्थापित होगा। यहां मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार करने के बाद विभिन्न वार्ड में भेजा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। - प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य , मेडिकल कॉलेज।
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मरीजों आपातकालीन कक्ष में ही जीवन रक्षक दवाइयों के साथ चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करने को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाया जा रहा है। 200 बेड के पुरुष अस्पताल में संचालित करीब पांच बेड के आपातकक्ष को अत्याधुनिक बेड व चिकित्सकीय उपकरणों से लैस करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आठ बेड के आईसीयू स्थापित होने से दुर्घटना में घायल और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को आपातकक्ष से तत्काल आईसीयू लाया जाएगा।
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यहां मरीज की पूरी स्थिति को समझने के साथ चिकित्सक द्वारा उपचार मुहैया कराया जा सकेगा। राहत मिलने के बाद मरीज को विभिन्न वार्डों में भर्ती करने का काम होगा। यहीं नहीं सभागार में बेड लगाकर उसे पूर्ण रूप से आपातकक्ष में तब्दील कर दिया जाएगा। साथ ही दस बेड के नए आपातकक्ष की भी शुरुआत कर दी जाएगी।
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मरीज के साथ तीमारदार ही रहेंगे कक्ष में
आपातकक्ष में उपचार के लिए प्रतिदिन जनपद एवं गैर जिले के साथ प्रांत से 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में आपातकक्ष में मरीजों के साथ तीन से चार तीमारदारों के पहुंच जाने से चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्राचार्य ने सख्त हिदायत दी है कि आपातकक्ष में एक मरीज के साथ मात्र एक ही तीमारदार मौजूद रहेंगे।
आठ बेड का आईसीयू स्थापित होगा। यहां मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार करने के बाद विभिन्न वार्ड में भेजा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। - प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य , मेडिकल कॉलेज।