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Ghazipur News: 20वें दिन भी गुल रही बिजली, मोमबत्ती के सहारे कटी रात
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शाम ढलते ही मोमबत्ती के सहारे रोशन हो रही पांच हजार की आबादी। यह दास्तां नगर के बड़ीबाग स्थित कांशीराम आवास कॉलोनी की है।
यहां 600 क्वार्टरों में पांच हजार की आबादी रहती है। कॉलोनी पर 50 लाख रुपये बकाया होने पर बिजली निगम की ओर से 20 दिन पूर्व कॉलोनी के बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
यहां तक कि नगर पालिका के नलकूप का भी कनेक्शन काट दिया गया था। इस कारण लगभग 13 दिनों तक पेयजल आपूर्ति कॉलोनी में ठप रही। हैंडपंपों से लोगों ने पानी का जुगाड़ किया। कॉलोनी वासियों की ओर से आवाज उठाने पर नगर पालिका के नलकूप का बिजली कनेक्शन अलग से जोड़ा गया। लेकिन, अभी तक कांशीराम कॉलोनी रोशन नहीं हो पाई है।
बिजली निगम का कहना है कि जब तक बकाया जमा नहीं होगा, तब तक बिजली कनेक्शन नहीं जोड़े जाएंगे। दिन किसी तरह से गुजर जा रहा है, लेकिन शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है।
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कॉलोनी के क्वार्टरों को रोशन करने का जरिया मोमबत्ती या मोबाइल का टार्च बनता है। इसी के सहारे महिलाएं रात में भोजन पकाती हैं।
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यहां 600 क्वार्टरों में पांच हजार की आबादी रहती है। कॉलोनी पर 50 लाख रुपये बकाया होने पर बिजली निगम की ओर से 20 दिन पूर्व कॉलोनी के बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
यहां तक कि नगर पालिका के नलकूप का भी कनेक्शन काट दिया गया था। इस कारण लगभग 13 दिनों तक पेयजल आपूर्ति कॉलोनी में ठप रही। हैंडपंपों से लोगों ने पानी का जुगाड़ किया। कॉलोनी वासियों की ओर से आवाज उठाने पर नगर पालिका के नलकूप का बिजली कनेक्शन अलग से जोड़ा गया। लेकिन, अभी तक कांशीराम कॉलोनी रोशन नहीं हो पाई है।
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बिजली निगम का कहना है कि जब तक बकाया जमा नहीं होगा, तब तक बिजली कनेक्शन नहीं जोड़े जाएंगे। दिन किसी तरह से गुजर जा रहा है, लेकिन शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है।
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कॉलोनी के क्वार्टरों को रोशन करने का जरिया मोमबत्ती या मोबाइल का टार्च बनता है। इसी के सहारे महिलाएं रात में भोजन पकाती हैं।