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बगैर मानदेय दशहरा बीता, दीपावली-छठ पर भी संकट

Tue, 18 Oct 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 11:57 PM IST
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Dussehra passed without honorarium, crisis on Deepawali-Chhath too
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने के लिए रसोइयों की तैनाती की गई है। इनको बीते छह माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते इनको आर्थिक समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं अब त्योहारों के समय इनके घरों में कोई रौनक नहीं दिख रही है।
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जिले के 2531 विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब साढ़े तीन लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ मिलता है। इसमें 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं जिसमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। जबकि शेष मान्यता प्राप्त विद्यालय के बच्चे हैं। परिषदीय विद्यालय एवं मान्यता प्राप्त (कक्षा-छह से आठ) तक के नामांकित बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए रसोइयों की तैनाती की गई है।
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25 छात्रों की संख्या पर एक, 26 से 100 पर दो, 101 से 200 पर तीन, 201 से 300 पर चार, 301 से 1000 छात्रों पर पांच, 1001 से 1500 पर छह तथा 1501 से अधिक छात्र संख्या होने पर अधिकतम सात रसोइया रखी जा सकती हैं। इस तरह से जिले में करीब सात हजार रसोइया कार्यरत हैं। इनको कई वर्ष पहले एक हजार रुपये मानदेय मिलता था लेकिन उनकी जरूरतों को देखते हुए शासन ने बाद में 1500 रुपये कर दिया।
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रसोइयों को मार्च माह तक का मानदेय मिला है। कुछ सप्ताह पहले शासन ने अप्रैल माह से 2000 रुपये मानदेय देने की घोषणा की थी। मार्च के बाद से इन्हें मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इसके अभाव में दशहरा का पर्व तो बीत गया। अब दीपावली और छठ पूजा को लेकर उन्हें चिंता सताने लगी है। मानदेय न मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रसोइयों के मानदेय से संबंधित फाइल जिलाधिकारी के यहां अनुमोदन के लिए भेजी गई है। अनुमोदन मिलते ही उनको तीन माह का मानदेय उनके खाते में भेजा जाएगा । - अमित वर्मा, जिला समन्वयक एमडीएम

कनवर्जन लागत में हुई वृद्धि
गाजीपुर। प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक छात्र की परिवर्तन लागत 4.97 रुपये से बढ़ाकर 5.45 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक छात्र की परिवर्तन लागत 7.45 रुपये से बढ़ाकार 8.17 रुपये की गई है। शासन की ओर से प्राथमिक स्तर पर 48 पैसे और उच्च प्राथमिक स्तर पर 72 पैसे की वृद्धि की गई है।
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