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मां शेरावाली के जयकारे से गूंजे दुर्गा पूजा पंडाल

Thu, 22 Oct 2020 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 10:51 PM IST
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Durga Puja Pandal echoed with shout of Ma Sherawali
नंदगंज बाजार में स्पापित की गई दुर्गा प्रतिमा। - फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। कोरोना संक्रमण को लेकर इस साल दुर्गा पूजा का पर्व फीका रहा। नगर क्षेत्र में बनने वाले दुर्गा पूजा पंडाल एवं स्थापित होने वाली प्रतिमाएं इस बार नहीं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में शहर से चहल-पहल गायब है। नगरवासियों में पर्व को लेकर मायूसी छाई हुई हैं। जनपद के ग्रामीण इलाके में भी एका-दुका जगहों पर ही दुर्गा पूजा प्रतिमा स्थापित की गई है। वहां भी जिला प्रशासन एवं पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। दुर्गा पूजा समिति को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पूजा पंडाल के पास भीड़ नहीं होना चाहिए। पंडाल में पूजा-अर्चना भी सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर ही करना है।
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प्रतिवर्ष नगर क्षेत्र में कुल 52 स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित होता था। नंदगंज बाजार में नवरात्र के पहले दिन से ही दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुल जाते थे, जबकि शहर एवं अन्य स्थानों पर सप्तमी के दिन पंडालों में विराजमान मां दुर्गा का पट खोला जाता था। इस बार नगरवासी मायूस हैं। एक भी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित नहीं की गई हैं। उधर ग्रामीण इलाके में बृहस्पतिवार को कई जगहों पर मां दुर्गा का पट खोला गया। मां का पूजन-अर्चन कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पट खोला गया। इस बीच पूरा वातावरण मां के जयकारों से गूंज उठा। विभिन्न तहसीलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति मय माहौल हो गया है। इस बार पंडालों को आकर्षक ढंग से नहीं सजाया गया था। छोटे पंडाल व घरों में ही दुर्गा मां की पूजा-अर्चना की गई। नंदगंज बाजार में स्थापित दुुर्गा पंडाला में नवरात्र के पहले ही दिन से दुर्गा प्रतिमा का पट खोलने के साथ ही पूजा अर्चना की जा रही है।
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मौंधा संवाददाता के मुताबिक सैदपुर तहसील क्षेत्र में पिछले साल नगर में 16 तथा पूरे तहसील में 35 जगहों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। लेकिन इस साल कोरोना के कारण एक चौथाई जगहों पर भी पंडाल नहीं बने हैं। ग्रामीण क्षेत्र के तमाम हिस्मसों में जगत जननी मां अम्बे की मूर्तियों को स्थापित कर धूमधाम से उनकी पूजा-अर्चना करने की सदियों से आ रही परम्परा पर कोरोना के डर का पहरा बैठ गया है। हालांकि मूर्ति स्थापित कर पंडाल लगाने पर होने वाली भींड़ पर भी प्रशासन ने इस बार ब्रेक लगाया हुआ है। इसलिये श्रद्धालुओं ने भी अपने घरों में ही भगवती की उपासना का निर्णय लिया है। नायकडीह ग्राम सभा में ग्रामीणों ने मां की मूर्ति की स्थापना कर उनकी पूजा अर्चना शुरू कर दी है। नायकडीह दुर्गा पूजा समिति के संचालक उमेश सेठ उर्फ सिन्टू ने बताया कि पूजा के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से पालन और मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
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