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सपने देखें, उसे पूरा करने के लिए करें मेहनत: ललित

Thu, 12 Aug 2021 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:12 PM IST
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Dream, work hard to fulfill it: Lalit
हाकी ओलंपियन ललित उपाध्याय को स्मृति चिन्ह प्रदान करते पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह सहित अन्य लोग। - फोटो : GHAZIPUR
हौसला हो तो गरीबी सफलता में बाधक नहीं बनती है। जब कामयाबी मिलती है तो दुनिया उसे याद रखती है। हमेशा सपने देखें और उसे पूरा करने के लिए मेहनत करें। मैं भी गरीबी से गुजरा हूं, यह मेरा अपना अनुभव है। ये बातें करमपुर स्थिति मेघबरन स्टेडियम में बृहस्पतिवार को आयोजित समारोह में स्वागत से अभिभूत टोक्यो से लौटे ओलंपियन ललित उपाध्याय ने हॉकी के प्रशिक्षु खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहीं।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि मेघबरन स्टेडियम से अभी और भी कई ऐसे स्टार खिलाड़ी निकलेंगे जो एकेडमी और अपने जनपद का नाम रोशन करेंगे। इससे पहले 10.45 बजे मेघबरन स्टेडियम के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में खेलप्रेमियों ने सिधौना बाजार में अपने उनका स्वागत किया। फिर जुलूस की शक्ल में आगे बढ़े। इस बीच जगह-जगह पर ढोल नगाड़ों के बीच फूलों की वर्षा करके ललित उपाध्याय का अभिनंदन किया गया। दोपहर 12. 30 बजे जब जुलूस मेघबरन स्टेडियम में प्रवेश किया तो लोग खुशी से नाच उठे। ललित के साथ सेल्फी खिंचवाने की होड़ मची रही।
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स्वागत समारोह में आयोजक पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने कहा कि ललित उपाध्याय गाजीपुर के प्रथम ओलंपियन हैं। ललित की वजह से करमपुर गांव का नाम आज पूरे विश्व में जाने जाना लगा है जिसका पूरा श्रेय मेघबरन स्टेडियम के संस्थापक ठाकुर तेजबहादुर सिंह को जाता है। इस दौरान ओलंपियन को मेघबरन स्टेडियम की ओर से एक स्मृति चिह्न प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व एमएलसी डॉ. कैलाश सिंह, डॉ. रमाशंकर उर्फ हिरन सिंह, गंगासागर सिंह, सुनील यादव, विनीत जायसवाल, आशू दुबे, गुद्दन सिंह, रामजीत यादव, हीरा यादव, सतीश दीक्षित, कमलेश सिंह होकाड़ू, अनिकेत सिंह, शालू सिंह, इंद्रदेव, सुजीत तिवारी, मनोज सिंह, अरुण सिंह, रामकृष्ण सिंह मौजूद रहे।
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उधर ओलंपियन ललित ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक मिला तो सबसे पहले देश की याद आई। बताया कि स्नातक की पढ़ाई के अलावा उनको आगे बढ़ाने में तेजू भैया का बड़ा हाथ है। वे आवश्यकताओं को पूछते भी थे और उसे पूरा भी करते थे।

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गुरु को याद कर भावुक हुए ललित
मौधा। करमपुर के मेघबरन स्टेडियम में पहुंच कर स्टार ओलंपियन ने स्टेडियम के संस्थापक और अपने गुरु ठाकुर तेजबहादुर सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर उनको नमन किया। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी अपनी जीत का मेडल मैं अपने गुरु को समर्पित करने आया था लेकिन इस मौके पर उनका न होना काफी खल रहा है। अगर इस मौके पर तेजू भैया होते तो यह खुशी भी सौ गुनी हो जाती।
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