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बैंककर्मियों की हड़ताल से लेन-देन ठप
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:06 AM IST
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बैंककर्मियों की हड़ताल से लेन-देन ठप
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी शुक्रवार को अपनी मांगों को समर्थन में हड़ताल पर रहे। जिले के सभी राष्ट्रीयकृत तथा जिला सहकारी बैंकों में हड़ताल के चलते ताले लटकते रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी व प्रदर्शन कर सरकारी नीतियों को जमकर कोसा। बैंकों की हड़ताल से कामकाज ठप रहने के कारण जिले में 80 से सौ करोड़ का लेन-देन नहीं हो सका।
यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास आयोजित सभा में यूपीबीईयू के सचिव जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण एवं विलय रोका जाए। एनपीए की वसूली के ठोस उपाय शुरू किए जाएं। बैंक कर्जदारों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की जाए। एआईयूबीओएफ(ऑल इंडिया यूनियन बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन) के संयुक्त महासचिव गिरधर गोपाल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित की अनदेखी कर रही है। कर्मचारी अपने हितों को नजरअंदाज नहीं होने देंगे।
उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने की अपील की। एआईयूबीओएफ के कार्यकारिणी के सदस्य राजीव रंजन ने कर्मचारियों की एकजुटता पर बल दिया। इससे पहले कर्मचारियों ने सरकार की तरफ से घोषित बैंकिंग सुधारों और सहायक बैंकों के विलय के विरोध में आयोजित हड़ताल में नारेबाजी कर अपने विरोध का इजहार किया।
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सभा में हरिद्वार सिंह यादव, सचिदानंद राय, संतोष कुमार यादव, मुहम्मद तसौव्वर, संजय कुमार, मुकेश कुमार, बीएन गुप्ता, दीपक कुमार, राजेश किंगे, रितेश पाठक, ओमप्रकाश सिंह, बीएन राय, वीके गुप्ता, सतीशचन्द्र लाल, धरमराज सिंह, अरुण प्रकाश शुक्ला, वीपी राय तथा योगेशचन्द्र ने विचार व्यक्त किये। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से ग्रामीण बैंक को छोड़कर जिले के विभिन्न बैंकों की 220 शाखाओं पर दिन भर ताला लटका रहा।
हड़ताल में पांच कर्मचारी एवं चार अधिकारी एसोसिएशन सहित कुल नौ घटक शामिल रहे। बिना लेन-देन के घर लौटे ग्राहक : हड़ताल की वजह से ग्राहकों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। जानकारी के अभाव में विभिन्न बैंकों में लेन-देन के सिलसिले में आए लोगों को हड़ताल की वजह से काफी परेशानी हुई। बैंक में ताला लटकता देख सबसे ज्यादा असुविधा ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों को झेलनी पड़ी। बिना कामकाज के उन्हें घर वापस लौटना पड़ा।
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यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास आयोजित सभा में यूपीबीईयू के सचिव जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण एवं विलय रोका जाए। एनपीए की वसूली के ठोस उपाय शुरू किए जाएं। बैंक कर्जदारों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की जाए। एआईयूबीओएफ(ऑल इंडिया यूनियन बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन) के संयुक्त महासचिव गिरधर गोपाल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित की अनदेखी कर रही है। कर्मचारी अपने हितों को नजरअंदाज नहीं होने देंगे।
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उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने की अपील की। एआईयूबीओएफ के कार्यकारिणी के सदस्य राजीव रंजन ने कर्मचारियों की एकजुटता पर बल दिया। इससे पहले कर्मचारियों ने सरकार की तरफ से घोषित बैंकिंग सुधारों और सहायक बैंकों के विलय के विरोध में आयोजित हड़ताल में नारेबाजी कर अपने विरोध का इजहार किया।
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सभा में हरिद्वार सिंह यादव, सचिदानंद राय, संतोष कुमार यादव, मुहम्मद तसौव्वर, संजय कुमार, मुकेश कुमार, बीएन गुप्ता, दीपक कुमार, राजेश किंगे, रितेश पाठक, ओमप्रकाश सिंह, बीएन राय, वीके गुप्ता, सतीशचन्द्र लाल, धरमराज सिंह, अरुण प्रकाश शुक्ला, वीपी राय तथा योगेशचन्द्र ने विचार व्यक्त किये। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से ग्रामीण बैंक को छोड़कर जिले के विभिन्न बैंकों की 220 शाखाओं पर दिन भर ताला लटका रहा।
हड़ताल में पांच कर्मचारी एवं चार अधिकारी एसोसिएशन सहित कुल नौ घटक शामिल रहे। बिना लेन-देन के घर लौटे ग्राहक : हड़ताल की वजह से ग्राहकों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। जानकारी के अभाव में विभिन्न बैंकों में लेन-देन के सिलसिले में आए लोगों को हड़ताल की वजह से काफी परेशानी हुई। बैंक में ताला लटकता देख सबसे ज्यादा असुविधा ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों को झेलनी पड़ी। बिना कामकाज के उन्हें घर वापस लौटना पड़ा।