{"_id":"614628f28ebc3eb6257a13d6","slug":"disregarding-the-notice-was-heavy-for-the-former-head-ghazipur-news-vns612376829","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटिस की अवहेलना करना पूर्व प्रधान को पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटिस की अवहेलना करना पूर्व प्रधान को पड़ा भारी
विज्ञापन
जमानिया। उपजिलाधिकारी न्यायालय से जारी नोटिस की अवहेलना पूर्व प्रधान को भारी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर शनिवार को जमानत राशि की आधी धनराशि जमा करने के बाद रिहा किया गया।
ग्राम चितावन पट्टी के पूर्व प्रधान शंभू यादव पर चुनाव के दौरान शांतिभंग करने के आरोप में 107/116 सीआरपीसी की नोटिस जारी की गई थी। जिस पर पूर्व प्रधान ने दो जमानतदारों के द्वारा एक लाख की जमानत राशि देकर ही जमानत की बात की गई। इसके बाद पूर्व प्रधान ने इस कार्रवाई के खिलाफ अपर जिला जज न्यायालय में अपील दायर किया। जहां अपील खारिज कर दी गई। जिसके बाद पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर उपजिलाधिकारी न्यायालय में हाजिर कराया गया। जहां पूर्व प्रधान द्वारा एक लाख रुपये की प्रतिबंधित राशि दो बार में देने की उपजिला मजिस्ट्रेट से गुहार लगाई। जिस पर उपजिला मजिस्ट्रेट ने पूर्व प्रधान के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर पचास हजार रुपये जमा कराकर जमानत दी।
उपजिला मजिस्ट्रेट रमेश मौर्य ने बताया कि न्यायालय ने 117 के आदेश का अवहेलना करने पर 122 बी की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर न्यायालय में हाजिर किया। जहां एक लाख के बांड में से पचास हजार जमा करने पर रिहा कर दिया गया है और बचा हुआ धन जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। निर्धारित समय पर धन नहीं जमा करने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम चितावन पट्टी के पूर्व प्रधान शंभू यादव पर चुनाव के दौरान शांतिभंग करने के आरोप में 107/116 सीआरपीसी की नोटिस जारी की गई थी। जिस पर पूर्व प्रधान ने दो जमानतदारों के द्वारा एक लाख की जमानत राशि देकर ही जमानत की बात की गई। इसके बाद पूर्व प्रधान ने इस कार्रवाई के खिलाफ अपर जिला जज न्यायालय में अपील दायर किया। जहां अपील खारिज कर दी गई। जिसके बाद पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर उपजिलाधिकारी न्यायालय में हाजिर कराया गया। जहां पूर्व प्रधान द्वारा एक लाख रुपये की प्रतिबंधित राशि दो बार में देने की उपजिला मजिस्ट्रेट से गुहार लगाई। जिस पर उपजिला मजिस्ट्रेट ने पूर्व प्रधान के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर पचास हजार रुपये जमा कराकर जमानत दी।
विज्ञापन
उपजिला मजिस्ट्रेट रमेश मौर्य ने बताया कि न्यायालय ने 117 के आदेश का अवहेलना करने पर 122 बी की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर न्यायालय में हाजिर किया। जहां एक लाख के बांड में से पचास हजार जमा करने पर रिहा कर दिया गया है और बचा हुआ धन जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। निर्धारित समय पर धन नहीं जमा करने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन