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Ghazipur News: प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज होगा नौनिहालों का ब्यौरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। जिले के सभी 16 ब्लाॅकों में इसकी मैपिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पानी, बिजली, बाल मैत्री शौचालय एवं पेंटिंग आदि सुविधाएं पूरी करने में बाल विकास विभाग का पंचायती राज विभाग सहयोग करेगा। केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का भी ब्यौरा प्रेरणा पोर्टल ऐप पर दर्ज किया जाएगा।
जिले में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां कुल 3588 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं तीन हजार 33 सहायिका तैनात हैं। इन केंद्रों पर लगभग एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी का दर्जा दिया गया है। शासन की ओर से केंद्रों के बच्चों को शिक्षा देने की कवायद और तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का भी ब्यौरा प्रेरणा पोर्टल ऐप पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही दो से पांच शब्दों का भाषा ज्ञान और गणित में 10 तक की संख्या पढ़ना और वस्तुओं को क्रम में व्यवस्थित करना भी सिखाया जाएगा। प्रेरणा ऐप से फर्जी तरीके से बच्चों की संख्या बढ़ाने का फर्जीवाड़ा जो केंद्रों पर हो रहा है वह इस ऐप से रुकेगा।
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इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय ने बताया कि शासन स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक किया जा रहा है। प्रेरणा ऐप कारगर साबित हो रहा है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मैपिंग भी की जा रही है। प्रेरणा ऐप से काफी सहूलियत भी मिलेगी।
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गाजीपुर। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। जिले के सभी 16 ब्लाॅकों में इसकी मैपिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पानी, बिजली, बाल मैत्री शौचालय एवं पेंटिंग आदि सुविधाएं पूरी करने में बाल विकास विभाग का पंचायती राज विभाग सहयोग करेगा। केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का भी ब्यौरा प्रेरणा पोर्टल ऐप पर दर्ज किया जाएगा।
जिले में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां कुल 3588 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं तीन हजार 33 सहायिका तैनात हैं। इन केंद्रों पर लगभग एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी का दर्जा दिया गया है। शासन की ओर से केंद्रों के बच्चों को शिक्षा देने की कवायद और तेज कर दी गई है।
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इसी क्रम में केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का भी ब्यौरा प्रेरणा पोर्टल ऐप पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही दो से पांच शब्दों का भाषा ज्ञान और गणित में 10 तक की संख्या पढ़ना और वस्तुओं को क्रम में व्यवस्थित करना भी सिखाया जाएगा। प्रेरणा ऐप से फर्जी तरीके से बच्चों की संख्या बढ़ाने का फर्जीवाड़ा जो केंद्रों पर हो रहा है वह इस ऐप से रुकेगा।
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इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय ने बताया कि शासन स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक किया जा रहा है। प्रेरणा ऐप कारगर साबित हो रहा है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मैपिंग भी की जा रही है। प्रेरणा ऐप से काफी सहूलियत भी मिलेगी।