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प्रधानों की समस्याओं पर डीएम ने ली बैठक
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गाजीपुर। जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य और मुख्य विकास अधिकारी की मौजूदगी में सोमवार को ग्राम प्रधानों की समस्याओं को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी एवं डीसी मनरेगा भी उपस्थित थे। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष ने जनपद के ग्राम प्रधानों की समस्याओं से संबंधित 15 सूत्रीय ज्ञापन दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से कुछ समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। कुछ समस्याओं का शासन स्तर से निस्तारित करवाने का आश्वासन मिला। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि वे अपने रवैये में सुधार लाएं। ग्राम पंचायतों में कोरोना जांच के लिए भेजे गए किट का मूल्य 2900 रुपये निर्धारित किया गया। इस मौके पर डीएम ने ग्राम प्रधानों के स्तर पर अपने खर्चे से कोरोना बचाव पर कराए गए साफ-सफाई और दूसरे प्रयासों की सराहना की। ग्राम प्रधानों ने डीएम को बताया कि ग्रामीण विकास से संबंधित निर्माण सामग्रियों का रेट बहुत ही कम निर्धारित है। इस रेट को बढ़ाया जाए। इस मौके पर डीएम ने गांव के विकास से संबंधित कार्यों के खर्च भुगतान के बाद ही आगे के किसी भी विकास कार्य को कराने का आश्वासन दिया। जिन गांवों में पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय पहले से निर्मित है, वहां स्वीकृत परियोजनाओं पर कार्य कराए जाने की अनुमति दी। मनरेगा कार्य के तहत कराए गए विकास कार्यों का भुगतान एक सप्ताह में किए जाने, छोटे ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, पंचायत भवन बनवाने का रास्ता निकालने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान संगठन की ओर से संतोष सिंह, आकाश राजभर, मंटू राय, दीपक सिंह, रमेश, राकेश राय, हरिकेश यादव आदि की मौजूदगी रही।
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इस दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से कुछ समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। कुछ समस्याओं का शासन स्तर से निस्तारित करवाने का आश्वासन मिला। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि वे अपने रवैये में सुधार लाएं। ग्राम पंचायतों में कोरोना जांच के लिए भेजे गए किट का मूल्य 2900 रुपये निर्धारित किया गया। इस मौके पर डीएम ने ग्राम प्रधानों के स्तर पर अपने खर्चे से कोरोना बचाव पर कराए गए साफ-सफाई और दूसरे प्रयासों की सराहना की। ग्राम प्रधानों ने डीएम को बताया कि ग्रामीण विकास से संबंधित निर्माण सामग्रियों का रेट बहुत ही कम निर्धारित है। इस रेट को बढ़ाया जाए। इस मौके पर डीएम ने गांव के विकास से संबंधित कार्यों के खर्च भुगतान के बाद ही आगे के किसी भी विकास कार्य को कराने का आश्वासन दिया। जिन गांवों में पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय पहले से निर्मित है, वहां स्वीकृत परियोजनाओं पर कार्य कराए जाने की अनुमति दी। मनरेगा कार्य के तहत कराए गए विकास कार्यों का भुगतान एक सप्ताह में किए जाने, छोटे ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, पंचायत भवन बनवाने का रास्ता निकालने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान संगठन की ओर से संतोष सिंह, आकाश राजभर, मंटू राय, दीपक सिंह, रमेश, राकेश राय, हरिकेश यादव आदि की मौजूदगी रही।
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