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Ghazipur News: राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग
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कासिमाबाद तहसील परिसर में धरना देते राजभर जाति के लोग। संवाद
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राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के साथ विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र जारी करने सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर राजभर समाज ने तहसील परिसर में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया।
इस मौके पर समाज के नेता मुन्नीलाल राजभर ने कहा कि पूर्व में भर-राजभर जाति को विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र दिया जा रहा था। इस समय भाजपा सरकार ने विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र बंद कर दिया है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव की सरकार ने भर-राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए विधानसभा से कई प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा। प्रदेश की वर्तमान सरकार एक बार भी अपना प्रस्ताव नहीं लाई है।
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जबकि उसने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस मांग को पूरा करने का वादा किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बन रहे सभी स्मारकों व ऐतिहासिक दस्तावेजों में पूर्ण नाम अंकित किया जाए।
अंत में अपनी सभी मांगों से संबंधित मांग पत्र प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया दिया गया। धरना-प्रदर्शन में बृजराज राजभर, जयनाथ राजभर, मुन्ना राजभर, चंद्रहास राजभर, चंद्रमा राजभर, राधेश्याम राजभर आदि ने विचार व्यक्त किया।
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इस मौके पर समाज के नेता मुन्नीलाल राजभर ने कहा कि पूर्व में भर-राजभर जाति को विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र दिया जा रहा था। इस समय भाजपा सरकार ने विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र बंद कर दिया है।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव की सरकार ने भर-राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए विधानसभा से कई प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा। प्रदेश की वर्तमान सरकार एक बार भी अपना प्रस्ताव नहीं लाई है।
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जबकि उसने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस मांग को पूरा करने का वादा किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बन रहे सभी स्मारकों व ऐतिहासिक दस्तावेजों में पूर्ण नाम अंकित किया जाए।
अंत में अपनी सभी मांगों से संबंधित मांग पत्र प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया दिया गया। धरना-प्रदर्शन में बृजराज राजभर, जयनाथ राजभर, मुन्ना राजभर, चंद्रहास राजभर, चंद्रमा राजभर, राधेश्याम राजभर आदि ने विचार व्यक्त किया।