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Ghazipur News: परिवादी को तीन माह में 1,34,222 रुपये भुगतान का आदेश
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जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव और सदस्य रणविजय मिश्र ने परिवाद स्वीकार करते हुए करीमुद्दीनपुर स्थित यूबीआई शाखा को परिवादी को तीन माह में 1,34,222 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ पूरी धनराशि का भुगतान करना होगा। इसके अलावा न्यायालय ने परिवाद-व्यय के रूप में परिवादी को दो हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि समय से आदेश का पालन नहीं होने पर परिवादी विधिक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा।
कमसड़ी गांव निवासी रविंद्र नाथ राय और अभिनित राय ने वर्ष 2017 में जिला उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि करीमुद्दीनपुर स्थित यूबीआई शाखा में 26 दिसंबर 2008 को 32 हजार रुपये की एफडी कराई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि 26 दिसंबर 2015 थी। इसके अलावा 35 हजार रुपये की दूसरी एफडी 84 माह के लिए कराई गई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि भी 26 दिसंबर 2015 थी।
परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद दोनों एफडी के भुगतान के लिए 22 अक्टूबर 2016 को बैंक पहुंचे, लेकिन दोनों एफडी बिना भुगतान के वापस कर दी गईं। इसके बाद विधिक नोटिस भेजी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए बैंक को निर्धारित अवधि में धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया।
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कमसड़ी गांव निवासी रविंद्र नाथ राय और अभिनित राय ने वर्ष 2017 में जिला उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि करीमुद्दीनपुर स्थित यूबीआई शाखा में 26 दिसंबर 2008 को 32 हजार रुपये की एफडी कराई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि 26 दिसंबर 2015 थी। इसके अलावा 35 हजार रुपये की दूसरी एफडी 84 माह के लिए कराई गई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि भी 26 दिसंबर 2015 थी।
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परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद दोनों एफडी के भुगतान के लिए 22 अक्टूबर 2016 को बैंक पहुंचे, लेकिन दोनों एफडी बिना भुगतान के वापस कर दी गईं। इसके बाद विधिक नोटिस भेजी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए बैंक को निर्धारित अवधि में धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया।
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